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Mamata Banerjee को दिल्ली में लगा बड़ा झटका, दिग्गज सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा

"भ्रष्टाचार पर बोलने की मिली सजा, इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं"; उपराष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपने के बाद सुखेंदु रॉय ने टीएमसी पर बोला जोरदार हमला।

 

राजनीतिक डेस्क, भदैनी मिरर: पश्चिम बंगाल के बाद अब दिल्ली के गलियारों में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक जबरदस्त झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय (Sukhendu Sekhar Roy) ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रॉय ने न केवल राज्यसभा की सदस्यता छोड़ी है, बल्कि टीएमसी से भी अपना नाता तोड़ लिया है।

उपराष्ट्रपति के आवास पर जाकर सौंपा इस्तीफा

सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा के चेयरमैन और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के आवास पर जाकर अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए रॉय ने टीएमसी के भीतर फैले भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें पार्टी के भीतर अलग-थलग (Isolate) कर दिया गया था।

"इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं"

विपक्षी एकजुटता पर प्रहार करते हुए सुखेंदु रॉय ने 'इंडिया गठबंधन' (INDIA Alliance) पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है।" रॉय का यह बयान ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी मोर्चे का एक मुख्य चेहरा रही हैं।

TMC में भ्रष्टाचार पर फोड़ा बम

बंगाल में टीएमसी की हालिया स्थिति और चुनावी प्रदर्शन पर रॉय ने तीखे सवाल खड़े किए:

  • फॉरेंसिक ऑडिट की मांग: रॉय ने सरकार से मांग की है कि पिछले 5 सालों में बंगाल के हर कस्बे में हुए भ्रष्टाचार का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाना चाहिए।

  • आरजी कर मामला: उन्होंने कहा कि आरजी कर (RG Kar) मेडिकल कॉलेज की घटना ने जनता के गुस्से को दबाने के बजाय उसे बाहर निकाल दिया। लोग केवल इस एक घटना से ही नहीं, बल्कि कई अन्य मुद्दों को लेकर भी नाराज थे।

ममता के करीबी से 'बगावत' तक का सफर

सुखेंदु शेखर रॉय साल 2011 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह लंबे समय तक ममता बनर्जी के बेहद करीबी और भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाते थे। हालांकि, बदलते राजनीतिक समीकरणों और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच अब उन्होंने ममता का साथ छोड़ दिया है।

बीजेपी की तारीफ, क्या बदलेंगे पाला? चर्चाएं यह भी हैं कि सुखेंदु रॉय ने हाल के दिनों में बीजेपी की कार्यशैली की तारीफ की है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं।

क्या कोयल मलिक भी देंगी इस्तीफा?

बाजार में यह भी चर्चा थी कि कोयल मलिक भी इस्तीफा दे सकती हैं, जिन्हें इसी साल अप्रैल में राज्यसभा भेजा गया था। हालांकि, फिलहाल कोयल मलिक की ओर से ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।