"BJP के लिए धर्म का मतलब सिर्फ धन" – राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला
सपा प्रमुख ने जारी की ‘समाजवादी ऑडिट-2’ पुस्तक; गोरखपुर में 500 प्राइमरी स्कूल बंद होने और फेक एनकाउंटर का लगाया आरोप
लखनऊ (भदैनी मिरर): अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों की कथित चोरी का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश कार्यालय में एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा के लिए धर्म का वास्तविक मतलब सिर्फ और सिर्फ 'धन' कमाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा प्रमुख ने अयोध्या और गोरखपुर की जमीनी हकीकत को बयां करती एक विशेष पुस्तक ‘समाजवादी ऑडिट-2’ भी जारी की।
"सीसीटीवी फुटेज गायब होना गहरी साजिश, खुलेगा चंदा चोरी का राज"
राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और इसकी चल रही एसआईटी (SIT) जांच पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "अयोध्या मंदिर परिसर से सीसीटीवी (CCTV) की फुटेज का गायब हो जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है। असल में इस सीसीटीवी से 'सीसी' का राज खुलने वाला है, और राजनीति में इस 'सीसी' का मतलब है— चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी। भाजपाई इस राज को दबाना चाहते हैं।"
गोरखपुर के आंकड़ों पर सरकार को घेरा, स्कूल और अस्पतालों की स्थिति पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के विकास दावों की हवा निकालते हुए अखिलेश यादव ने ‘समाजवादी ऑडिट-2’ के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा:
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बंद हुए 500 सरकारी स्कूल: गोरखपुर में बीते 10 वर्षों के भीतर लगभग 500 सरकारी प्राइमरी विद्यालय बंद हो चुके हैं। सरकार सोची-समझी रणनीति के तहत गरीब और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार के बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन रही है।
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सरकारी अस्पताल घटे, निजी बढ़े: साल 2017 तक गोरखपुर में 77 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) थे, जिनकी संख्या अब घटकर महज 9 रह गई है। इसके विपरीत, निजी अस्पतालों की संख्या 37 से बढ़कर 501 हो गई है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण का साफ सबूत है।
गोरखपुर में जल्द होगा सपा का बड़ा सम्मेलन, एनकाउंटर पर आरोप
सपा अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने गोरखपुर से आए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठक कर जमीनी फीडबैक लिया है और जल्द ही गोरखपुर में सपा एक विशाल सम्मेलन करने जा रही है। उन्होंने यूपी में कानून व्यवस्था पर सवाल दागते हुए आरोप लगाया कि देश में दलितों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं और यूपी में भी इसकी सबसे अधिक संख्या गोरखपुर में है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में हो रहे एनकाउंटर्स को 'फेक' बताते हुए कहा कि सबसे ज्यादा शिकार पीडीए वर्ग के लोगों को बनाया जा रहा है।
पवन पांडेय ने दोहराई मांग: सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच
इससे पहले अयोध्या से सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय 'पवन' ने भी प्रदेश सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय एसआईटी (SIT) पर अविश्वास जताया था। पवन पांडेय ने कहा कि जो अधिकारी खुद कई मामलों में जांच के दायरे में हैं, वे मंदिर के चढ़ावे की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकते। उन्होंने मांग की कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़े इस संवेदनशील मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में ही होनी चाहिए।