डिप्टी मेयर ने हटाई टीपू सुल्तान की तस्वीर, शिवसेना-BJP के अल्टीमेटम के बाद कार्रवाई
नासिक जिले के मुस्लिम बहुल शहर मालेगांव में कार्यालय में तस्वीर लगाए जाने पर सियासी घमासान, 24 घंटे की चेतावनी के बाद डिप्टी मेयर निहाल अहमद ने हटाई फोटो
राजनितिक डेस्क। महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में उस समय राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब नव-निर्वाचित डिप्टी मेयर निहाल अहमद ने अपने कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगवाई। तस्वीर सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
बीजेपी ने डिप्टी मेयर को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए तस्वीर हटाने की मांग की थी। बढ़ते दबाव और विरोध को देखते हुए आखिरकार निहाल अहमद ने अपने कार्यालय से टीपू सुल्तान की तस्वीर हटा दी।
चुनाव के बाद शुरू हुआ विवाद
हाल ही में हुए मालेगांव नगर निगम चुनाव में शेख नसीरीन खालिद मेयर चुनी गईं, जबकि निहाल अहमद डिप्टी मेयर बनीं। पद संभालने के बाद कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई।
टीपू सुल्तान (1751–1799) मैसूर रियासत के शासक थे और ‘शेर-ए-मैसूर’ के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कई युद्ध लड़े थे। जहां एक वर्ग उन्हें ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा मानता है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उन पर कथित अत्याचारों को लेकर विवाद भी रहा है।
शिवसेना-BJP का विरोध
शिवसेना के स्थानीय नेता नीलेश आहेर ने इस मुद्दे को नगर प्रशासन के सामने उठाया। वहीं भाजपा मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें शहरों की पहचान बदलने की कोशिश कर रही हैं।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि यह कदम हिंदू समाज और देश के महान नायकों का अपमान है।
डिप्टी मेयर की सफाई
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए निहाल अहमद ने कहा कि यह तस्वीर उन्हें पार्षदों द्वारा भेंट की गई थी। उन्होंने दावा किया कि टीपू सुल्तान एक स्वतंत्रता सेनानी थे और अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे। हालांकि बढ़ते विरोध के बाद उन्होंने तस्वीर हटाने का फैसला लिया।
कांग्रेस का पलटवार
महाराष्ट्र कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान को जानबूझकर धार्मिक विभाजन पैदा करने के लिए नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है।