मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ के खिलाफ कांग्रेस का विरोध, बोले राघवेंद्र चौबे – विकास नहीं, काशी की आस्था का विनाश हो रहा
विकास के नाम पर धार्मिक स्थलों और देव प्रतिमाओं को नुकसान का आरोप, जिला अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
वाराणसी, भदैनी मिरर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास के नाम पर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के कथित विनाश को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में लगातार धार्मिक स्थलों, मंदिरों और देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने के विरोध में जिला/महानगर कांग्रेस कमेटी ने जिला अधिकारी वाराणसी को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि यह विकास नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से काशी की आस्था, इतिहास और संस्कृति का विनाश है। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन आस्थावानों की जीवित सांस्कृतिक विरासत है, जिसे योजनाबद्ध ढंग से नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर सैकड़ों मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया, फिर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रतीकों को हटाया गया और अब मणिकर्णिका घाट जैसे अत्यंत पवित्र स्थल पर देवी-देवताओं की मूर्तियों, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे काशी की आत्मा पर सीधा प्रहार बताया।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि मणिकर्णिका घाट सहित कई क्षेत्रों में ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जहां लोगों ने अपना पूरा जीवन सनातन धर्म और सेवा के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन बिना किसी मानवीय संवेदनशीलता और वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ा जा रहा है। देव प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान से हटाकर क्षतिग्रस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसा विकास है, जिसमें मंदिर टूटते हैं, मूर्तियां क्षतिग्रस्त होती हैं और जनता की आस्था को रौंदा जाता है। क्या वाराणसी की पहचान केवल कॉरिडोर और पत्थरों तक सीमित कर दी जाएगी या उसकी आत्मा, संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी बचाया जाएगा?
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए तत्काल एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का गठन किया जाए, जिसमें जिला प्रशासन, स्थानीय नागरिक और कांग्रेस प्रतिनिधि शामिल हों। यह प्रतिनिधिमंडल पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन शीघ्र संज्ञान नहीं लेता और आस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ को नहीं रोकता है, तो पार्टी काशी की जनता के साथ सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी। काशी की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए कांग्रेस किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने किया।
इस दौरान प्रमुख रूप से राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, संजीव सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अशोक सिंह, दिलीप चौबे, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, पीयूष श्रीवास्तव, खालिद सिद्दीकी, रामकेश यादव, संतोष मौर्य, लोकेश सिंह, मनोज वर्मा, रोहित दुबे, अरविंद कुमार, आशीष केशरी, अब्दुल हमीद डोडे, वंदना जायसवाल, विनीत चौबे सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।