Annapurna Bhandar: बंगाल में 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के 11 पन्नों के फॉर्म पर सियासी घमासान, TMC और कांग्रेस ने उठाए सवाल
Annapurna Bhandar Scheme: 'अन्नपूर्णा भंडार' के 11 पन्नों के फॉर्म पर बवाल, TMC और कांग्रेस ने घेरा, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़
कोलकाता/पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजना 'अन्नपूर्णा भंडार' (Annapurna Bhandar Scheme) शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। योजना के लिए जारी किए गए 11 पन्नों के लंबे और जटिल आवेदन फॉर्म को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि फॉर्म को जानबूझकर इतना कठिन बनाया गया है ताकि आम महिलाओं को परेशान किया जा सके।
"चुनाव से पहले वादे, चुनाव के बाद यादें" — अभिषेक बनर्जी का तंज
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर फॉर्म की तस्वीरें साझा करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा, "चुनाव से पहले सिर्फ वादे होते हैं, और चुनाव खत्म होने के बाद केवल यादें रह जाती हैं।"
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव से पहले भाजपा द्वारा प्रचारित किए गए आधे पन्ने के 'मॉक-अप' फॉर्म और अब सरकार द्वारा जारी किए गए 11 पन्नों के असली फॉर्म की तुलना करते हुए सरकार की कथनी और करनी पर सवाल उठाए।
क्या है अन्नपूर्णा भंडार योजना?
गौरतलब है कि 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की सीधी नकद राशि (Direct Cash Transfer) उनके बैंक खातों में दी जानी है।
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इससे पहले टीएमसी सरकार की 'लक्खीर भंडार' (Lakshmir Bhandar) योजना चल रही थी, जिससे करीब 2.4 करोड़ महिलाएं जुड़ी थीं और उन्हें ₹1,500 मिलते थे।
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भाजपा ने चुनाव के दौरान इस राशि को दोगुना (₹3,000) करने का वादा किया था, जिसे 1 जून से लागू किया जाना है।
11 पन्नों के फॉर्म में क्या-क्या जानकारियां मांगी गईं?
विपक्ष और आम जनता के बीच इस फॉर्म को लेकर नाराजगी इसलिए है क्योंकि इसमें बेहद निजी और जटिल जानकारियां मांगी गई हैं, जैसे:
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नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का स्टेटस।
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विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत नाम कटने की जानकारी।
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बच्चों के टीकाकरण (Vaccination) का पूरा स्टेटस।
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परिवार में साक्षर और निरक्षर सदस्यों की संख्या।
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परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खाते और स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) का विवरण।
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परिवार के पास मौजूद कुल जमीन (Land Holding) का ब्यौरा।
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, "अगर किसी ने केंद्र सरकार द्वारा दी गई वैक्सीन नहीं ली, तो क्या उसे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा? जब यह योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है, तो पूरे परिवार का ब्यौरा क्यों मांगा जा रहा है?"
सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़, आम महिलाएं भी परेशान
इस 11 पन्नों के लंबे फॉर्म को लेकर इंटरनेट पर भी लोग जमकर मजे ले रहे हैं और तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं। जमीन पर भी महिलाएं इस प्रक्रिया से काफी परेशान हैं।
योजना का लाभ लेने की इच्छुक महिलाओं का कहना है, "हम पहचान पत्र और वोटर कार्ड तो दे सकते हैं, लेकिन इतनी कागजी कार्रवाई हमारे जैसे कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए नामुमकिन है। जब पैसा हमारे खाते में आना है, तो पति के बैंक अकाउंट की डिटेल्स क्यों मांगी जा रही हैं?" जटिलता के डर से कई महिलाओं ने फॉर्म न भरने का मन बना लिया है।
कांग्रेस ने सीएम सुवेंदु अधिकारी को लिखा पत्र
राजनीतिक गतिरोध के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस लंबी और थकाऊ प्रक्रिया से आम जनता, खासकर ग्रामीण महिलाओं को भारी असुविधा हो रही है। अतः सरकार को तुरंत कदम उठाते हुए अन्नपूर्णा भंडार के इस आवेदन फॉर्म को सरल (Simplify) बनाना चाहिए।