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Acharya Pramod Krishnam का बड़ा दावा: 'सचिन पायलट के साथ हुआ षड्यंत्र, झगड़े की जड़ अशोक गहलोत नहीं बल्कि राहुल गांधी हैं'

"गहलोत तो सिर्फ मोहरा हैं, असली खिलाड़ी दिल्ली में बैठे हैं"; प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस हाईकमान पर साधा निशाना, पंजाब से लेकर राजस्थान तक की कलह का खोला राज।

 

राजनीतिक डेस्क: कांग्रेस के पूर्व नेता और अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी के भीतर मचे आंतरिक घमासान को लेकर बड़ा बम फोड़ा है। इस बार उनके निशाने पर कोई प्रांतीय नेता नहीं, बल्कि सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) हैं। प्रमोद कृष्णम ने दावा किया है कि राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच हुए विवाद की असली जड़ जयपुर में नहीं, बल्कि दिल्ली में छिपी है।

सचिन पायलट बड़ी साजिश का शिकार, गहलोत सिर्फ मोहरा!

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर खुलकर बात करते हुए कहा कि सचिन पायलट के साथ पार्टी के भीतर एक गहरा षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने कहा:

"लोग समझते हैं कि झगड़े की जड़ अशोक गहलोत हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। झगड़े की असली जड़ दिल्ली में है और राहुल गांधी इस पूरे विवाद की बुनियाद में हैं। असल में सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री नहीं बनाना था, इसलिए अशोक गहलोत को सिर्फ एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया गया।"

"अशोक गहलोत सत्ता के लालची, धृतराष्ट्र से की तुलना"

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए प्रमोद कृष्णम ने उनकी तुलना महाभारत के चरित्र धृतराष्ट्र से कर दी। उन्होंने कहा कि गहलोत सत्ता के लालची व्यक्ति हैं।

  • मानसिक अंधापन: प्रमोद कृष्णम ने कहा, "यह बात ऐतिहासिक रूप से पक्की है कि धृतराष्ट्र जन्म से अंधे थे, लेकिन पुत्र मोह ने उन्हें मानसिक तौर पर भी अंधा बना दिया था। ठीक उसी तरह, सत्ता के सिंहासन और स्वार्थ में अशोक गहलोत भी पूरी तरह अंधे हो चुके हैं।"

  • हाईकमान पर सवाल: उन्होंने हाईकमान की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब अमरिंदर सिंह और सिद्धारमैया जैसे दिग्गजों को बदला जा सकता है, तो अनुशासनहीनता के बाद भी अशोक गहलोत को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया?

"पानी में आग लगाकर दूर खड़े हो जाते हैं राहुल गांधी"

प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस नेतृत्व पर राज्यों में नेताओं को आपस में लड़वाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेइज्जती नवजोत सिंह सिद्धू से कराई गई और फिर सिद्धू की बेइज्जती चरणजीत सिंह चन्नी से कराई गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "ये लोग पानी में आग लगाकर दूर खड़े हो जाते हैं।"

सचिन पायलट को कभी नहीं मिलेगी कमान?

भविष्यवाणी के अंदाज में प्रमोद कृष्णम ने कहा कि सचिन पायलट को राजस्थान की कमान कभी नहीं सौंपी जाएगी। इसके पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा:

"जिस नेता में जनता को भविष्य और संभावनाएं दिखाई देती हैं, राहुल गांधी उसे कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते। जब तक राहुल गांधी की 'चौकड़ी' दिल्ली में सक्रिय है, तब तक कांग्रेस का कुछ नहीं हो सकता। यही वजह है कि राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से कांग्रेस धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म होती जा रही है।"