पैसे के लेनदेन में हुई थी चाय विक्रेता की हत्या, SP City ने किया खुलासा…

                             

हत्या के बाद फेक भागे थे शव, दो फरार…

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वाराणसी, भदैनी मिरर। रामनगर के भीटी क्षेत्र में धुँधराज पुलिस के पास मिले चाय विक्रेता रामनारायण यादव के शव मामले में पर्दाफाश मंगलवार को हो गया। रामनारायण की हत्या पैसे के लेनदेन में हुई थी। रामनारायण ने रामनगर क्षेत्र के रामपुर निवासी अंकित को पैसे उधार दिए थे, जो उसे लौटाना नहीं चाहता था। इसी कारण अंकित ने रामनारायण को पहले हिसाब करने के बहाने अपने दुकान में बुलाया और दारु पिलाकर मौत की नींद सुला दी। इस घटना का खुलासा मंगलवार को रामनगर थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी विकास चन्द्र त्रिपाठी ने दी।

एसपी सीटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस घटना के संबंध में परिजनों से बात की लेकिन कोई खास जानकारी हासिल नहीं हुई। जिसके बाद सीओ कोतवाली के नेतृत्व में टीम बनाई गई और क्राइम ब्रांच और रामनगर थाने की टीम गठित की गई। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी के आधार पर जांच शुरु की तो मुखबिर की सूचना पर अंकित मोदनवाल और कचाली उर्फ सिद्धार्थ को लंका मैदान तिराहे से गिरफ्तार किया गया। दोनों की गिरफ्तारी के बाद मामला परत-दर-परत खुलता चला गया।

दुकान बुलाकर की हत्या

रामनारायण द्वारा बार-बार पैसे का तगादा करने से परेशान अंकित मोदनवाल ने हिसाब करने की बात कहकर रामनगर के चौक अपने दुकान बुलाया। जहाँ उसने पहले रामनारायण को दारु पिलाई और मौत की नींद सुला दी।

शव पुलिया के नीचे फेक भागे

एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए अंकित मोदनवाल पूरे दिन शव को अपने दुकान में ही रखा और फिर अंधेरा होते ही अपने दोस्त कपाली उर्फ सिद्धार्थ, ऋषभ पाण्डेय और टैम्पू चालक सद्दाम के साथ मिलकर शव को पुलिया के नीचे भाग निकले। पुलिस ने दो अंकित और कपाली उर्फ सिद्धार्थ को तमंचा और कारतूस संग गिरफ्तार किया है जबकि ऋषभ पाण्डेय और ऑटो चालक सद्दाम फरार है।

एडीजी व एसएसपी ने दिया ईनाम

हत्या के बाद शव को फेक भागने के बाद सुबूत न होने से यह घटना पूरी तरह से पुलिस के लिए चुनौती भरी रही। सीसीटीवी, सर्विलांस और मुखबीरों की मदद से हुए इस खुलासे के बाद एडीजी जोन वाराणसी वृजभूषण ने 50 हजार रुपए तो डीआईजी व एसएसपी वाराणसी अमित पाठक ने 25 हजार रुपये के ईनाम से पुरस्कृत किया है।

इनका रहा खुलासे में योगदान

इस घटना के खुलासे में वरिष्ठ उप निरीक्षक विजय कुमार यादव, विनोद कुमार मिश्र चौकी प्रभारी भीटी, आशीष मिश्र चौकी प्रभारी सूजाबाद, अरविन्द यादव चौकी प्रभारी कस्बा,
क्राइम ब्रांच दरोगा बृजेश मिश्रा, सिपाही नीरज कुमार मौर्य, सिपाही सूरज कुमार, सिपाही अमित कुमार सिपाही मन्टू कुमार सर्विलांस टीम, सिपाही प्रहलाद यादव, सिपाही ब्रह्महेव सिंह, सिपाही सिद्धार्थ कुमार रजक शामिल रहे।

             

         

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