अब वाराणसी में बनने वाले कपड़े का कच्चा माल के रूप में होगा निर्यात

                             

कमिश्नर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दी बहुराष्ट्रीय कंपनी को कपड़ों की क्वालिटी एवं गुणवत्ता की प्रस्तुति

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वाराणसी/भदैनी मिरर। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने अब व्यापार के क्षेत्र में भी अपने कदम आगे बढ़ा दिया है। जल्द ही यहां बनने वाला कपड़ा कच्चा माल के रूप में निर्यात किया जाएगा। बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनिकोल ने वाराणसी में बनने वाले कपड़े को कच्चा माल के रूप में लिये जाने की पहल की है। कंपनी के अधिकारी वाराणसी में विजिट कर इसकी गुणवत्ता एवं डिजाइन को परख कर इसके निर्यात के लिए हरी झंडी देंगे। निश्चित रूप से वाराणसी के लिए यह एक सुखद संयोग होगा कि वाराणसी का लंगड़ा एवं दशहरी आम, हरी सब्जियां, गाजीपुर की हरी मटर एवं हरी मिर्च, चंदौली का सांबा एवं काला चावल यहां से निर्यात होकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना जलवा बिखेरने के बाद अब वाराणसी फैब्रिक कपड़ा भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी ओर आकृष्ट करने लगा है।

इसे लेकर कमिश्नर दीपक अग्रवाल मंगलवार को बैठक की। इस दौरान कमिश्नर ने अपने मंडलीय सभागार से विदेश मंत्रालय के सहयोग से बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी में बनने वाले कपड़ों की क्वालिटी एवं उसके गुणवत्ता, उसकी रेट एवं उसकी डिजाइन आदि की प्रस्तुति की। कंपनी द्वारा वाराणसी से लिए जाने वाले कपड़े के कच्चे मालों से पैंट-शर्ट, पायजामा-कुर्ता, शेरवानी, टाई आदि आकर्षक परिधानों का निर्माण किया जाएगा। कंपनी द्वारा गुजरात में फैक्ट्री लगाई जाएगी और वाराणसी से कपड़ा के रूप में कच्चा माल क्रय किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान संयुक्त निदेशक नेशनल फैशन डिजाइन संस्थान शंकर झा, उपनिदेशक बुनकर सेवा केंद्र संदीप सुधरीकर, संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह, डॉक्टर रजनीकांत के साथ ही फेब्रिक्स निर्माता अदनान एवं अमरीश कुशवाहा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

             

         

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