बर्ड फ्लू को लेकर सतर्कता, जानवरों के सैम्पलिंग के निर्देश, अधिकारियों को सतर्क रहने का आदेश…

                             

  Ford Hospital                           

वाराणसी/भदैनी मिरर। देश में तेजी से फैली कोरोना महामारी के बाद अब बर्ड फ्लू को लेकर लोगों में दहशत है । राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात और केरल के बाद अब महाराष्ट्र में भी इस बीमारी की पुष्टि हुई है । जिसके बाद महाराष्ट्र अब इस बीमारी के की पुष्टि करने वाला आठवां राज्य बन गया। बता दें कि महाराष्ट्र के परभणी जिले के मुरुंबा गांव स्थित पॉल्ट्री फार्म में करीब 800 मुर्गियों की मौत हो गई जिसके बाद इसकी जाँच में सामने आया कि मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई है।

बर्ड फ्लू को लेकर यूपी में भी अलर्ट जारी करने के साथ ही सतर्कता बरती जा रही है। इसे लेकर सोमवार को बनारस के राइफल क्लब में जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बैठक कर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी वेटरिनरी आफिसर्स को फील्ड में भेज कर सैम्पलिंग की कार्रवाई तेजी से करायी जाय। साथ ही सभी थानों पर सम्बंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों का मोबाइल नंबर नोट कराये जाये। डीएम ने सड़क दुर्घटना आदि में घायल पशुओं को तुरंत नजदीकी गोशाला में पहुंचाने व मृत पशुओं को गोशाला से तत्काल हटवाने तथा सभी गौशालाओं की जांच कराने व गायों की बीमारियों की जांच कराने का भी निर्देश सीवीओ को दिया गया। रेलवे ट्रैक के आसपास के गांवों के सभी आवारा पशुओं को शत प्रतिशत गोशाला में मंगलवार तक पहुंचाये जाने का निर्देश दिया।

मुर्गा व मीट कारोबारियों को किया जाय जागरूक

डीएम ने सभी बीडीओ को ग्रामीण क्षेत्रों में सभी ग्राम सचिवों को मुर्गा व मीट बेचने वाले दुकानदारों के साथ बैठक कर उनको जागरुक करने, साफ-सफाई रखने और किसी प्रकार के पशु पक्षी के सामुहिक मृत्यु की सूचना तत्काल सम्बंधित थाने एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया। नहरों, तालाबों आदि स्थानों पर प्रवासी पक्षियों पर भी सतर्क निगाह रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिया।

इन दुकानों का होगा सत्यापन…

उन्होंने नगर निगम के सभी 400 मुर्गें और 250 मीट की दुकानों का सत्यापन कराये जाने का निर्देश दिया। गंगा नदी में प्रवासी पक्षियों को दाना आदि खिलाये जाने पर रोक लगाते हुए जल पुलिस व नगर निगम के कर्मचारियों को इसका अनुपालन कराने का निर्देश दिया। जन सामान्य में भी जागरूकता फैलाने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया और सुरक्षात्मक उपायों को अपनाये जाने पर जोर दिया।

चिड़िया घर की 24 घंटे हो रही निगरानी

बैठक में डीएफओ ने भी बताया कि चिड़िया घर की 24 घंटे निगरानी करने के लिए कर्मचारी तैनात कर दिया गया है। वहीं डीएम ने सभी एसडीएम को मंगलवार तक गांवों को तीन श्रेणियों ए, बी तथ सी में बांट कर सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया। जिसमें ए श्रेणी में अति संवेदनशील गांव बी श्रेणी में संवेदनशील तथा सी श्रेणी में सामान्य गांवों को रखा जाये।

             

         

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