नाव हादसा : गंगा से निकले डूबे चार युवकों का शव, घटना के बाद उठे सवाल!

                             

  Ford Hospital                           

चारों युवकों का शव स्थानीय मल्लाहों ने निकाला

हृदयविदारक घटना छोड़ गई अपने पीछे सवाल

मस्ती के लिए रेती बना युवाओं की पसन्द, उस पार पुलिस हस्तक्षेप लगभग शून्य!

आखिर जल पुलिस क्यों नहीं उठाती कोई कदम?

वाराणसी, भदैनी मिरर। लगातार स्थानीय पुलिस और मल्लाहों की मेहनत से सोमवार की सुबह से लेकर मध्य रात्रि तक रविवार को क्षमता से अधिक नाव पर यात्रियों के बैठाने से हुए हादसे में डूबे चार युवकों के शव को निकाल दिया गया मगर इस हादसे ने अपने पीछे कई सीख और सवाल छोड़ गए। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि जल पुलिस अपने कार्य को सही ढंग से नहीं करती वरना ऐसी घटना होने से रोका जा सकता था? शायद ही बाढ़ छोड़ ऐसा कोई समय हो जब जल पुलिस नाविकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें जागरुक करती हो या नियम-कायदे समझाती हो?

इस घटना में जिस नाव से घटना हुई उस नाविक मनोज कुमार साहनी की माने तो उस पार युवाओं की टोली छककर नशा करती है। समय-समय पर उस पार से बीयर-दारु की बोतलों की तस्वीर भी आती है। ठंड के समय में परिवार सहित युवाओं खासकर कपल्स की टोली उस पार जाकर पिकनिक मनाना पसन्द करती है। इसकी वजह यह है कि उस पर पुलिस का हस्तक्षेप लगभग शून्य रहता है और दूसरा यह कि रेती में ज्यादे लोग नहीं होते।

घटना में सुरक्षित बची सृष्टि की बात मानें तो उसने ज्यादा यात्री बैठाने पर नाविक को टोका, लेकिन नाविक ने युवती की एक न सुनी। इससे यह साफ है कि क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर बैठाने पर कभी लगाम नहीं लगाया गया, यदि इन पर कानूनी शिकंजा कसा गया होता तो कोई भी नाविक ऐसी जुर्रत नहीं करता कि वह क्षमता से अधिक लोगों को बैठाता। यह भी साफ है कि शायद ही दस फीसदी ऐसे नाविक होंगे जिनके पास लाइफ जैकेट होगा? ऐसे में स्थानीय प्रशासन को इस घटना से सीख लेते हुए तत्काल उन्हें जागरुक करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई से अवगत करवाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे अप्रिय घटना में किसी के आंगन में मातम न परसे।

ज्ञातव्य हो कि सोमवार मध्यरात्रि अर्थात मंगलवार को शिवपुर थाना अंतर्गत लक्ष्मणपुर क्षेत्र की गंगोत्री विहार कॉलोनी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक मौर्य का भी शव गंगा से स्थानीय मल्लाह ने निकाल लिया। अभिषेक के पिता राजेश मौर्य प्रयागराज में कृषि विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर हैं। मां-बाप का इकलौता बेटा होने से अभिषेक के परिजनों की आंखों से आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रहा था। इसके पूर्व मल्लाहों ने जानकी घाट के पास गायत्री विहार कालोनी शिवपुर निवासी विशाल सिंह (24), बजरडीहा निवासी शाहिद जुनैद (18), शहनवाज (20) का शव भी गंगा से निकाला था । इस घटना में सुरक्षित बचे बड़ी गैबी निवासी विकास शर्मा, अतुल सिंह, योगेश कुमार और सुनील कुमार ने अपने सुरक्षित होने का बयान पुलिस को दर्ज कराया।

             

         

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