पद्मश्री राजेश्वर आचार्य बने प्रदेश संगीत नाट्य अकादमी के अध्यक्ष, बोले यह तो बाबा विश्वनाथ और संकटमोचन जी का आशीर्वाद…

                             

  Ford Hospital                           

वाराणसी, भदैनी मिरर। जलतरंग वादन के महारथी व ध्रुपद शैली के न केवल गायक बल्कि उसके संरक्षण के लिए अलग पहचान रखने वाले वाराणसी घराने के ख्यात संगीतकार पद्मश्री डॉ राजेश्वर आचार्य को राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश संगीत नाट्य अकादमी का अध्यक्ष मनोनीत किया है। इस बात की जानकारी जैसे ही मिली लोगों के बधाई देने का तांता उनके भदैनी स्थित घर पर लग गया।

इसकी जानकारी मिलते ही पद्मश्री डॉ राजेश्वर आचार्य ने अपनी पुरानी शैली और गंभीरता से नई जिम्मेदारी को स्वीकार किया और इसे बाबा विश्वनाथ और संकटमोचन भगवान का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि भगवान ने मुझे मौक़ा दिया है कि मै संगीत के क्षेत्र में कुछ करूँ और देश और दुनिया में प्रदेश और बनारस के संगीत और नाट्य कला को शिखर पर ले जाऊं।

बता दें कि संगीत आचार्य प्रोफेसर राजेश्वर आचार्य सन 1967 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कल्चरल फैकेल्टी के छात्रसंघ पदाधिकारी थे। इसके अलावा ऑल इंडिया रेडियो कंपटीशन में उन्होंने सर्वोच्च अंक प्राप्त किया है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स के हेड के रूप में कार्य किया। प्रोफेसर राजेश्वर आचार्य ध्रुपद गायक और जलतरंग वादन में महारत हासिल किए हुए विख्यात संगीतकार हैं। केंद्र सरकार ने पंडित राजेश्वर आचार्य को 25 जनवरी 2019 में पद्मश्री पुरुस्कार से सम्मानित किया है। वह विश्वविख्यात ध्रुपद मेले और संकटमोचन संगीत समारोह से भी जुड़े हुए है।

             

         

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *