विश्व हृदय दिवस: चिकित्सकों की सलाह- तनाव है दिल का दुश्मन, बीमारियों का घर है रक्तचाप…

                             

  Ford Hospital                           

वाराणसी, भदैनी मिरर। विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य ही लोगों को हृदय संबंधी बीमारी से बचाना है। हृदयघात से अब कम उम्र के लोगों की भी मौत होने लगी है। यह एक गम्भीर समस्या है और इसका मुख्य कारण तनाव और अनियमित दिनचर्या है। तनाव की वजह से रक्तचाप की दिक्कत होती है जिसे हम साइलेंट किलर भी कहते है, जो अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है। उक्त बातें ब्रेथ ईजी टी.बी, चेस्ट, एलर्जी केयर अस्पताल अस्सी की ओर से आयोजित विश्व हृदय दिवस की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन जागरुकता कार्यक्रम में वरिष्ठ टी.बी, श्वांस एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. पाठक ने कही।

डॉ. पाठक ने कहा कि “ तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है। आज की भागदौड़ वाली जीवनशैली में अचानक कोरोना ने दस्तक दे दिया हैं, जिसकी वजह से लोगों में तनाव कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। इसलिए इस बीमारी से पूरी तरह बचना तो मुश्किल है लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें। ऐसे में इस बात की जरूरत है कि हम अपने दिल की आवाज सुनें, दिल को दुरुस्त रखने के लिए तनाव दूर भगाएं।“

डॉ. पाठक ने बोला कि “हृदय रोग पूरे विश्व में आज एक गंभीर बीमारी के तौर पर उभरा है। “दिल को स्वस्थ रखने के लिए थोड़ा समय व्यायाम के लिए अवश्य निकालें, प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना हृदय के लिए अच्छा होता है, अगर आपके पास समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।“ डॉ. पाठक ने दिल के मरीजों को उनके आहार के लिए विशेष हिदायत दी, जिसमे उन्होंने दिल के मरीजों को सेहत के अनुरूप आहार लेने की सलाह देते हुए कहा कि नमक का कम मात्रा में सेवन करना चाहिए, कम वसा वाले आहार फायदेमंद होता है, इसके आलावा समय पर नाश्ता और लंच करने पर जोर दिया जिसमे ताजी सब्जियां और फल शामिल हों I इसके आलावा डॉ. पाठक ने दिल के मरीजों को तंबाकू से दूर रहने की हिदायत दीI

             

         

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *