त्रिपिंडी श्राद्ध करने किन्नरों के साथ काशी पहुंची महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी, कहा दिल्ली में किन्नर जोशी की हत्या करने वालो की जल्द हो गिरफ्तारी

                             

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वाराणसी/भदैनी मिरर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष पितृपक्ष में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में देश के विभिन्न प्रान्तों से जुटी किन्नरों ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिशाचमोचन कुंड पर त्रिपिंडी श्राद्ध किया। हालांकि कोरोना महामारी के चलते इस बार हर बार की अपेक्षा किन्नरों की संख्या में कमी दिखी। कई राज्यों से काशी पहुंची किन्नरों ने अतृप्त किन्नरों की आत्मा की शान्ति के लिए श्राद्ध किया। इस दौरान मुन्ना लाल पंडा की अगुवाई में ब्राह्मणों ने विधि-विधान से लगभग दो घण्टे तक त्रिपिंडी श्राद्ध पूजन चला। इस दौरान लक्ष्मीनारायण के देवी पवित्रा, कामिनी माई सहित तमाम किन्नरों के जुटान पिशाचमोचन कुंड पर हुआ।

ऐसी मान्यता है कि एक त्रिपिंडी पर 44 आत्माओं को मुक्ति मिलती है। किन्नर भी अपनी मां के गर्भ से जन्म लेते हैं इसलिए वो भी श्राद्ध कर्म के लिए हर वर्ष यहां आते हैं। पूजन के दौरान मुख्य आचार्य नीरज पांडेय व सहयोगीजन की उपस्थिति रही। मुख्य पंडा पिशाच मोचन आनंद पांडेय, श्री मणिकर्णिका तीर्थ पुरोहित गौरव द्विवेदी व गंगा महासभा के राष्ट्रीय मंत्री मयंक कुमार आदि लोगों का सहयोग रहा।

वहीं महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि किन्नर अखाड़ा यह मानता है कि हमारी कौम के लोगों को समाज तिरस्कृत करके निकाल देता है। हम सनातन धर्मी हैं और इस सनातन धर्म के 16 संस्कार जरूरी हैं और ये श्राद्धकर्म का संस्कार रह जाता है। बताया की इतिहास में पहली बार महाभारत काल के शिखंडी द्वारा पिंडदान किए जाने के सैकड़ों वर्षों के बाद किन्नरों ने अपने पूर्वजों का पिंडदान कर एक नई परम्परा की शुरुआत की थी। अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके मोक्ष की प्राप्ति के लिए सारे किन्नरों ने काशी में तर्पण किया। हिन्दू सनातन धर्म के अनुसार पिंडदान नहीं करने पर किन्नर लोगों की आत्मा भटकती रहती है इसलिए हम लोगों ने वर्ष 2016 से किन्नरों की आत्मा की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि श्राद्धकर्म के साथ ही हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जल्द से जल्द देश से कोरोना महामारी का खत्मा हो और दिल्ली में हमारे समाज की एकता जोशी की जो हत्या की गई उनकी भी आत्मा को शांति मिले।साथ ही बदमाशो की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो।

             

         

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