Chaitra Navratri 2025 : सामाजिक संस्था ने किया 'नवदुर्गा चित्रकला प्रदर्शनी' का आयोजन, नौ महिला चित्रकारों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को दिखाया



वाराणसी: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर पुण्यं फाउंडेशन द्वारा "नवदुर्गा चित्रकला प्रदर्शनी" का भव्य आयोजन किया गया। संकट मोचन स्थित कला आलयम में आयोजित इस एक दिवसीय सामूहिक प्रदर्शनी में मां दुर्गा के नव स्वरूपों को नव महिला चित्रकारों द्वारा सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।

इस आयोजन का उद्घाटन प्रख्यात चित्रकार प्रो. एस. प्रणाम सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम में भारत कला भवन के पूर्व कला निदेशक डॉ. राधाकृष्णन गणेशन, पुण्यं फाउंडेशन की संस्थापक, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर और अंतरराष्ट्रीय चित्रकार व लेखिका डॉ. नेहा सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

डॉ. नेहा सिंह ने बताया कि, "यह प्रदर्शनी केवल एक कला प्रदर्शन नहीं, बल्कि मातृशक्ति के विविध रूपों को समझने और उन्हें समर्पित एक आध्यात्मिक यात्रा है।" उन्होंने यह भी कहा कि पुण्यं फाउंडेशन का उद्देश्य कला के माध्यम से भारतीय परंपरा और आधुनिक सोच के बीच एक पुल बनाना है।

कला और आध्यात्मिकता का संगम
"नवदुर्गा" प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से कलाकारों ने माँ दुर्गा के शक्तिपूर्ण रूपों – शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक – को आत्मीयता के साथ उकेरा। हर चित्र में कलाकार की भक्ति, संवेदना और सृजनशीलता स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
पुण्यं फाउंडेशन की यह पहल उभरते महिला चित्रकारों को मंच देने के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को नया आयाम देने का प्रयास है।
संस्कृति, सृजन और श्रद्धा का पर्व
पुण्यं फाउंडेशन मानता है कि कला केवल रचना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। यही कारण है कि उनकी गतिविधियाँ परंपरा, भक्ति और नवाचार को जोड़ने का कार्य करती हैं।

