UP Power Crisis: भीषण गर्मी में बिजली कटौती पर एक्शन में सीएम योगी, शहर से गांव तक निर्बाध सप्लाई के सख्त निर्देश
यूपी में 4 साल में 86% बढ़ी बिजली क्षमता; जून से स्मार्ट मीटर धारकों के लिए लागू होगी पोस्टपेड व्यवस्था, डिप्टी सीएम ने दी लू से बचाव की सलाह
लखनऊ (भदैनी मिरर डेस्क): उत्तर प्रदेश में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बिजली की बढ़ती मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। रविवार को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में बिजली आपूर्ति की समीक्षा करते हुए सीएम योगी ने सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तपती गर्मी में आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को किसी भी कीमत पर बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए हर स्तर पर 24 घंटे निगरानी की जाए।


4 साल में 86% बढ़ी सूबे की बिजली क्षमता
हाई-लेवल मीटिंग के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है। साल 2022 की तुलना में साल 2026 तक राज्य की क्षमता में 86 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से भी प्रदेश को करीब 10 हजार मेगावाट बिजली मिल रही है।

12 राज्यों से 'पावर बैंकिंग' और फीडर वाइज तय होगी जवाबदेही
अप्रैल-मई के महीनों में पारा चढ़ने से उत्तर प्रदेश में बिजली की दैनिक मांग 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई है। भारी मांग के बावजूद 20 से 22 मई के बीच यूपी देश में सबसे ज्यादा बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा करने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य रहा।

सीएम योगी ने बिजली नेटवर्क को और दुरुस्त करने के लिए निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
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फीडर वाइज जवाबदेही: ट्रांसफॉर्मर और फीडर में खराबी आने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
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पावर बैंकिंग: मुख्यमंत्री ने आपूर्ति प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए देश के 12 राज्यों से 'पावर बैंकिंग' के जरिए बिजली की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
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खुदाई से पहले अनुमति अनिवार्य: अंडरग्राउंड केबल (भूमिगत केबल) वाले क्षेत्रों में अब किसी भी प्रकार की खुदाई से पहले संबंधित विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि फॉल्ट न हो।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब हुए पोस्टपेड
बैठक में उपभोक्ताओं से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी दी गई। प्रदेश में अब तक स्थापित किए जा चुके 89.23 लाख स्मार्ट मीटरों को राज्य सरकार के निर्देश पर प्रीपेड से वापस पुरानी पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है।
नया बिलिंग सिस्टम: जून 2026 से सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को उनके बिल एसएमएस (SMS), व्हाट्सऐप (WhatsApp) और ई-मेल के जरिए सीधे भेजे जाएंगे। इसके साथ ही, 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर में विशेष कैंप लगाकर स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की अपील— 'सावधानी अपनाएं, सुरक्षित रहें'
दूसरी ओर, यूपी के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी राज्य में चल रही प्रचंड लू को देखते हुए नागरिकों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी और सतर्कता बरतने की अपील की है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा:
"सावधानी अपनाएं, सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें। अत्यधिक गर्मी के इस मौसम में लू (Heat Stroke) लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में खुद को और अपने प्रियजनों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां अवश्य अपनाएं।"
