Varanasi Gang Rape: एसआईटी ने शुरु की जांच, सीसीटीवी फुटेज सहित इंस्ट्राग्राम की जुटा रही चैट
12 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज करेगी सुरक्षित, मोबाइल फोन का लोकेशन भी लेगी
Apr 19, 2025, 10:39 IST
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एसआईटी प्रमुख ने बैठक कर सभी की जिम्मेदारी बताई
युवती के सहेली का भी दर्ज होगा बयान
रिपोर्ट के आधार पर ही होगी अज्ञात आरोपियों की अरेस्टिंग
वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी गैंगरेप प्रकरण में नया मोड़ आने के बाद पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने एसआईटी का गठन कर दिया. शुक्रवार से एसआईटी ने जांच भी शुरु कर दी है. एसआईटी प्रमुख डीसीपी वरुणा/क्राइम प्रमोद कुमार ने सभी सदस्यों संग बैठक कर जांच के बिंदुओं पर चर्चा कर ली है. एसआईटी कमांड सेंटर की मदद से सभी स्थानों का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करेगी, इसके अलावा पीड़िता के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी मंगवाएगी. इसके अलावा एसआईटी किसी भी स्वतंत्र गवाह जो शपथ पत्र के साथ सामने आएगा उसे भी जांच में शामिल करेगी.
एसआईटी प्रमुख के अनुसार 29 मार्च से 3 अप्रैल तक की सभी गतिविधियों को जुटाया जाएगा. इन दिनों में युवती की मां के अनुसार 12 नामजद और 11 अज्ञात लोगों ने दुष्कर्म किया. एफ़आईआर के मुताबिक इन दिनों में दुष्कर्म के बाद युवती लंका, हुकुलगंज, नदेसर, मलदहिया, सिगरा आईपी मॉल के पास, अस्सी घाट, चौकाघाट, औरंगाबाद और दो होटल के बाहर छोड़ी गई थी. वह दो बार अपनी सहेली के घर गई थी. अब इन सभी 12 स्थानों के सीसी फुटेज सुरक्षित किए जाएंगे. पुलिस युवती के फोन का लोकेशन और सीडीआर भी लेगी.


पीएम के संज्ञान लेने के बाद मामले ने तुल पकड़ा तो अब एसआईटी भी कोई गलती नहीं करना चाहती है. युवती अपने जिस सहेली के घर रुकी थी, वह उनका भी बयान दर्ज करेगी. इसके अलावा युवती के मेडिकल रिपोर्ट पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह भी लेगी. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार युवती को बाहरी नोट के निशान नहीं है.

हालांकि अब प्रकरण में लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की लापरवाही सामने आई है. सूत्र बताते है कि 29 मार्च से लापता युवती को चार अप्रैल को लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने बरामद किया तो उसका कहना था कि वह अपने घर नहीं जाएगी. वह पुलिस से अपने परिजनों की ही शिकायत कर रही थी. लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने न वीडियो कैमरे के सामने उसका बयान दर्ज कराया, न किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कराया. न ही उसे वन स्टॉप सेंटर भिजवाया. उल्टे लालपुर पांडेयपुर थाने में ही युवती और उसके परिजनों के बीच पुलिस ने पंचायत कराई. इसके बाद युवती को समझा-बुझाकर उसके घर भेज दिया. इसके दूसरे दिन पांच अप्रैल को युवती अपने परिजनों के साथ लालपुर पांडेयपुर थाने गई और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की. माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले को शुरू से गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती तो शायद स्थिति कुछ और होती.

