वाराणसी में युवा कांग्रेस की 'वोटर अदालत': मतदाता सूची में धांधली और वोट के अधिकार पर उठाए सवाल
युवा कांग्रेस का बड़ा अभियान: SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग; प्रदेश सचिव सिद्धार्थ केशरी ने चुनाव आयोग से मांगी जवाबदेही
वाराणसी / भदैनी मिरर: धर्मनगरी वाराणसी में मतदाता सूची में पारदर्शिता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर युवा कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। युवा कांग्रेस के तत्वावधान में “वोटर अदालत — जनता पूछेगी, चुनाव आयोग जवाब देगा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आम नागरिकों और मतदाताओं ने अपनी शिकायतें व समस्याएं सामने रखीं।
'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर गद्दी छोड़” के जोरदार नारे लगाकर चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठाई।
युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव सिद्धार्थ केशरी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट का अधिकार सुरक्षित रहना अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, काटने या संशोधन करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और इससे जुड़ी हर स्पष्ट जानकारी जनता तक बिना किसी रुकावट के पहुंचनी चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग
प्रदेश सचिव सिद्धार्थ केशरी ने स्पष्ट किया कि 'वोटर अदालत' अभियान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं में जवाबदेही तय करने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए मतदाता सूची से नाम गायब होने, अवैध तरीके से नाम हटाए जाने और संशोधन में आ रही शिकायतों को प्रमुखता से संकलित किया जा रहा है। जनता के इन सवालों को चुनाव आयोग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखकर स्पष्ट जवाब की मांग की जाएगी।
कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और युवा मतदाताओं ने भाग लिया और अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।