'आप एक साल दें, हम 5 साल देंगे', कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर वाराणसी के 694 ग्राम प्रधानों ने खोला मोर्चा
26 मई को खत्म हो रहा है कार्यकाल; , चुनाव न होने तक प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की मांग
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से ग्राम प्रधानों ने अपने हक के लिए आवाज बुलंद की है। राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन के बैनर तले जनपद के सभी आठों ब्लॉकों के कुल 694 ग्राम प्रधानों ने एक सुर में अपना कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में शनिवार को संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रधानों का साफ कहना है कि आगामी पंचायत चुनाव समय से न होने की स्थिति में वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही उनके गांवों का प्रशासक नियुक्त किया जाए।
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"आप हमें एक साल दो, हम आपको 5 साल देंगे"
संगठन के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सूबे के सभी प्रधान अनुशासित सिपाही हैं और उन्होंने सदैव जनहित में कार्य किया है। उन्होंने बताया, "यूपी के सभी जिलों में प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर जिलाधिकारियों को पत्रक सौंपा जा रहा है। 26 मई को हमारा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। हम सरकार से पिछले 3 महीनों से कह रहे थे कि चुनाव समय पर कराए जाएं, लेकिन अब समय पर चुनाव होना संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में वाराणसी के 694 ग्राम प्रधानों की एक ही आवाज है— 'आप हमें एक साल दो, हम आपको 5 साल देंगे'।"
कोविड और प्रशासनिक बाधाओं के कारण अधूरे रहे कार्य
सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले कार्यकाल के दौरान कोविड काल, प्रशासनिक प्रतिबंधों और विभिन्न अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण ग्राम पंचायतों के अनेक विकास कार्य प्रभावित हुए थे। यदि कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि की जाती है, तो अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कर ग्रामीण जनता को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। ग्रामीण विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और आवास जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को डोर-टू-डोर पहुंचाने में प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है।
'ट्रिपल इंजन' की सरकार में सम्मान की उम्मीद
राकेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि लखनऊ में प्रदेश के 58 हजार प्रधानों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से कहा था कि अब प्रदेश में 'डबल इंजन' नहीं बल्कि 'ट्रिपल इंजन' की सरकार चलेगी, जिसमें तीसरा इंजन हमारे ग्राम प्रधान हैं। प्रधान संघ का कहना है कि जब तक नए सिरे से चुनाव नहीं हो जाते, तब तक इस ट्रिपल इंजन सरकार की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में साथ लेकर चलना चाहिए।
70 फीसदी आबादी देहात में, विकास की धुरी हैं प्रधान
प्रधान संघ ने पूर्व मुख्य विकास अधिकारी और वर्तमान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने भी माना है कि अगर शहर की तरह विकास करना है, तो देहात को मजबूत करना होगा। देश की 70 फीसदी आत्मा गांवों में बसती है और सरकार की हर नीति को सुचारू रूप से धरातल पर उतारने का काम केवल ग्राम प्रधान ही करते हैं।
मांग पूरी न होने पर संगठन के निर्देश का इंतजार
जब मीडिया ने सवाल किया कि यदि समय से चुनाव नहीं होते और प्रधानों को प्रशासक नहीं बनाया जाता, तो आगे की रणनीति क्या होगी? इस पर जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हम लोकतंत्र और जनतंत्र को बचाने वाले अनुशासित लोग हैं। यदि सरकार हमारी इस जनहितकारी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व का जो भी निर्देश होगा, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के प्रधान एकजुट होकर उस रणनीति पर आगे बढ़ेंगे।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मुख्यमंत्री कार्यालय (UP), केंद्रीय व राज्य पंचायती राज मंत्रालयों सहित सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।