विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस: निःशुल्क BMD जाँच शिविर में 178 लोगों ने उठाया लाभ
4 में से 3 व्यक्तियों में दिखे ऑस्टियोपोरोसिस या ऑस्टियोपिनिया के लक्षण; महिलाओं और युवाओं में बढ़ रहा जोखिम
भदैनी मिरर न्यूज, वाराणसी। विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस के अवसर पर एपेक्स हॉस्पिटल, वाराणसी के एडवांस्ड जोड़ प्रत्यारोपण एवं स्पाइन सेंटर में दो दिवसीय निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जाँच एवं परामर्श शिविर का शुभारंभ किया गया। "मजबूत हड्डियाँ जीवनभर का सहारा" संदेश पर केंद्रित इस शिविर का आयोजन एपेक्स के चेयरमैन एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह के संरक्षण में किया गया।
शिविर के पहले दिन कुल 178 लोगों ने निःशुल्क BMD जाँच कराई और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श का लाभ उठाया। जाँच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसमें 4 में से 3 व्यक्तियों में ऑस्टियोपोरोसिस या ऑस्टियोपिनिया (हड्डियों की कमजोरी) के लक्षण पाए गए।
अनियमित दिनचर्या और आहार की कमी से युवा भी हो रहे ग्रसित
शिविर में जाँच के दौरान स्पाइन सर्जन डॉ. अमन वर्मा, स्पाइन सर्जरी एवं अर्थ्रोप्लास्टी के सीनियर रेजिडेंट्स डॉ. नितिन चौधरी व डॉ. वैभव अधूलिया, क्लीनिकल असिस्टेंट डॉ. प्रवेश, तथा जूनियर रेजिडेंट्स डॉ. अमित और डॉ. अपूर्व ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
चिकित्सकों ने ऑस्टियोपोरोटिक एवं ऑस्टियोपेनिक मरीजों को हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों के दर्द और स्पाइनल फ्रैक्चर (रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर) से बचाव के लिए उचित परामर्श दिया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि अनियमित दिनचर्या और पौष्टिक आहार के अभाव में अब युवा भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, पुरुषों की तुलना में महिलाएँ ऑस्टियोपोरोसिस से अधिक प्रभावित हो रही हैं।
मामूली चोट या छींकने पर भी फ्रैक्चर का खतरा
विशेषज्ञों ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के कारण हड्डियाँ अंदर से खोखली और बेहद कमजोर हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में मामूली चोट लगने, फिसलकर गिरने या यहाँ तक कि जोर से छींकने पर भी हड्डियों और रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने तथा अन्य गंभीर जटिलताओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
बचाव के मुख्य उपाय
* समय-समय पर BMD जाँच करवाएं।
* भोजन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन-डी शामिल करें।
* नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाएं।
* हड्डियों में दर्द महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
इस शिविर को सफल बनाने में एपेक्स हॉस्पिटल के एडवांस्ड जोड़ प्रत्यारोपण एवं स्पाइन सेंटर की चिकित्सकीय, नर्सिंग, तकनीकी एवं सहयोगी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह निःशुल्क शिविर दूसरे दिन भी जारी रहेगा।