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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष व्यवस्था से महिलाओं ने किया सुगम दर्शन 

मंगला आरती से शुरू हुई व्यवस्था; महिला श्रद्धालुओं के लिए दर्शन मार्ग को बनाया गया अधिक सुगम

 

वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर Shri Kashi Vishwanath Temple में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन की ओर से की गई यह व्यवस्था रविवार सुबह मंगला आरती से ही शुरू हो गई, जो रात्रि 11 बजे तक लगातार जारी रही।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिला श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि वे इस विशेष दिन पर बिना किसी असुविधा के बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें। इसके तहत महिलाओं के लिए दर्शन मार्ग और व्यवस्थाओं को विशेष रूप से व्यवस्थित किया गया है।


महिला सम्मान के संदेश के साथ विशेष पहल

मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस विशेष व्यवस्था के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और संवेदनशीलता के संदेश को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह पहल नारी सम्मान की भारतीय परंपरा को भी रेखांकित करती है।


भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप

भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा शक्ति का स्वरूप माना गया है। भगवान शिव का Ardhanarishvara स्वरूप इस बात का प्रतीक है कि सृष्टि के संतुलन में नारी और पुरुष दोनों का समान महत्व है। शिव और शक्ति का यह अद्वैत स्वरूप नारी की गरिमा, सामर्थ्य और सम्मान का संदेश देता है।


श्रद्धा और सम्मान के साथ दर्शन की व्यवस्था

इसी भाव को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने महिला दिवस के अवसर पर यह विशेष दर्शन व्यवस्था शुरू की है, ताकि महिला श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें।

मंदिर प्रशासन ने महिला श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्था का पालन करते हुए दर्शन करें, जिससे सभी को सहज रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।