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काशी की सड़कों पर उतरीं 'महिलाएं': नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष के खिलाफ आक्रोश, स्कूटी रैली से भरी हुंकार

सिगरा से लहुराबीर तक गूंजा महिलाओं का स्वर, बिना हेलमेट रैली निकलना बना चर्चा का विषय 

 

भदैनी मिरर न्यूज़ डेस्क, वाराणसी

महादेव की नगरी काशी में शनिवार को नारी शक्ति का रौद्र रूप देखने को मिला। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने से नाराज काशी की महिलाओं ने स्कूटी रैली के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्षी दलों के खिलाफ तीखे तेवर दिखाते हुए महिलाओं ने साफ चेतावनी दी कि समय आने पर वे इसका हिसाब बराबर करेंगी।

 

सिगरा से लहुराबीर तक गूंजा महिलाओं का स्वर

भाजपा महानगर महिला मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित यह विशाल स्कूटी रैली सिगरा स्थित तिलक प्रतिमा से शुरू हुई।

  • रैली का मार्ग: सिगरा से शुरू होकर यह रैली आईपी मॉल और मलदहिया चौराहा होते हुए आजाद पार्क (लहुराबीर) पर जाकर समाप्त हुई।

  • गर्मी पर भारी पड़ा उत्साह: वाराणसी की भीषण गर्मी और 45 डिग्री के पारे के बावजूद महिलाओं का हौसला कम नहीं हुआ। शाम चार बजे से ही महिलाएं सिगरा पर जुटना शुरू हो गई थीं।

पीएम मोदी के विजन के साथ खड़ी हैं काशी की बहनें

महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और प्रदेश कार्य समिति सदस्य भावना सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि काशी की महिलाएं सदैव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा, "यह रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि काशी की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और अपने प्रिय जननेता (पीएम मोदी) के स्वागत के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं।"

इन महिला नेत्रियों ने संभाला मोर्चा

रैली में काशी की मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान प्रमुख रूप से:

  • जया शुक्ला (प्रदेश कार्य समिति सदस्य)

  • कुसुम सिंह पटेल (महानगर अध्यक्ष महिला मोर्चा)

  • साधना वेदांती (कार्यक्रम संयोजिका)

  • निर्मला सिंह पटेल, डॉ. रचना अग्रवाल, गीता शास्त्री, पूजा दीक्षित, अनीशा शाही और विभव सिंह समेत सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।

मुमताज बानो, गौरी यादव, शकुंतला देवी, निशि तिवारी और संध्या विश्वकर्मा जैसी कार्यकर्ताओं ने भी विपक्षी दलों के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।