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काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में 'मेटा स्मार्ट ग्लास' पहनकर जलाभिषेक: वीडियो वायरल होने पर हड़कंप, सुरक्षा पर उठे सवाल

शशांक पाठक नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया 28 सेकेंड का वीडियो; कड़ी चेकिंग के बाद भी कैमरा ग्लास ले जाने से सुरक्षा एजेंसियों पर उठी उंगली, पुलिस करेगी जांच।

 

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर एक युवक द्वारा मेटा एआई (Meta AI) स्मार्ट चश्मा पहनकर गर्भगृह में प्रवेश करने और जलाभिषेक का वीडियो बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार को इंस्टाग्राम पर यह 28 सेकेंड का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

इस घटना ने धाम परिसर की बहुस्तरीय सुरक्षा जांच व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंस्टाग्राम पर अपलोड किया वीडियो, आलोचना के बाद अकाउंट किया डिलीट

मिली जानकारी के अनुसार, शशांक पाठक नाम के युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से यह 28 सेकेंड का वीडियो साझा किया था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक स्मार्ट कैमरे वाला चश्मा पहनकर बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में दाखिल हुआ और जलाभिषेक किया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही श्रद्धालुओं और यूजर्स ने मंदिर की सुरक्षा से खिलवाड़ को लेकर युवक की कड़ी आलोचना शुरू कर दी। चौतरफा घिरने और मामले के तूल पकड़ने के बाद युवक ने वायरल वीडियो के साथ-साथ अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया।

कड़ी सुरक्षा चेकिंग के बावजूद कैसे अंदर पहुंचा स्मार्ट ग्लास?

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को प्रवेश देने से पहले पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कई चरणों में सख्त चेकिंग की जाती है। मंदिर में मोबाइल, कैमरा, डिजिटल वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जांच में तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर से यह हाई-टेक स्मार्ट ग्लास कैसे छूट गया। बता दें कि मेटा स्मार्ट ग्लास देखने में बिल्कुल साधारण चश्मे जैसा लगता है, लेकिन इसमें हिडन कैमरा, माइक्रोफोन और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होती हैं।

पुलिस और प्रशासन का रुख

यह पहली बार नहीं है जब ऐसा मामला सामने आया हो; इससे पहले भी पिछले साल 14 अक्तूबर को एक युवक कैमरे वाला चश्मा पहनकर मंदिर में प्रवेश कर गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की गहन जांच की जा रही है। मंदिर प्रशासन की ओर से तहरीर या शिकायत मिलते ही संबंधित युवक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।