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VDA की बड़ी कार्रवाई: अवैध रूप से चल रहे 19 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, मचा हड़कंप

भवन मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों की उड़ाई जा रही थी धज्जियां, वीडीए सचिव ने संचालकों के साथ बैठक कर दी सख्त चेतावनी

 

भदैनी मिरर न्यूज नेटवर्क, वाराणसी: वाराणसी में बिना मानचित्र स्वीकृति और तय भवन मानकों के विपरीत अवैध रूप से संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्राधिकरण द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत शहर के विभिन्न जोनों में व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए कुल 19 अवैध कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया गया है। इस औचक कार्रवाई से अवैध संचालकों में हड़कंप मच गया है।

बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था संचालन

प्राधिकरण से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वीडीए की टीमों ने जब विभिन्न इलाकों में जांच की, तो सामने आया कि कई नामचीन और छोटे कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी बिना किसी वैध मानचित्र स्वीकृति अथवा आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाते हुए इन सभी 19 अवैध प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

वीडीए सचिव ने की संचालकों के साथ अहम बैठक

सीलिंग की इस बड़ी कार्रवाई के बीच वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव ने नगर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की। बैठक में सचिव ने कड़े लहजे में निर्देश दिया कि सभी संस्थान भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) व्यवस्था, मानचित्र स्वीकृति और अन्य सभी जरूरी वैधानिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जोनवार हुई कार्रवाई का पूरा विवरण

वीडीए द्वारा शहर को अलग-अलग जोनों में बांटकर यह कार्रवाई की गई, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • जोन-1 (शिवपुर एवं सिकरौल): यहाँ कुल 3 अवैध संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।

  • जोन-2 (सारनाथ, आदमपुर एवं जैतपुरा): इस क्षेत्र में 1 संस्थान को सील किया गया।

  • जोन-4 (भेलूपुर एवं नगवां): इस वीआईपी और छात्र बाहुल्य इलाके में सबसे ज्यादा 8 संस्थानों पर गाज गिरी।

  • जोन-5 (रामनगर एवं मुगलसराय): यहाँ कुल 7 अवैध संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 के तहत इन सभी भवनों को सील करने के बाद स्थानीय पुलिस की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया है।

लापरवाही पर आगे भी होगी जेल और सीलिंग की कार्रवाई

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसुरक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शहर के सभी कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द वीडीए से आवश्यक स्वीकृतियां और फायर एनओसी प्राप्त कर लें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भविष्य में भी इससे भी अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।