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वाराणसी में अवैध कॉलोनाइजरों पर वीडीए का हंटर,62 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर

VC पुर्ण बोरा के निर्देश पर 9 जगहों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई; रिंकू, आलोक और संजय सिंह समेत कई भू-माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के उपाध्यक्ष (VC) श्री पुर्ण बोरा के कड़े रुख के बाद जिले में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र पास कराए कॉलोनी काटने वाले भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। मंगलवार (30 जून 2026) को वीडीए की जोन-2 प्रवर्तन टीम ने सारनाथ वार्ड के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ सघन अभियान चलाकर कुल 9 स्थानों पर बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 62 बीघा क्षेत्रफल में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।

इन 9 जगहों पर चला वीडीए का बुलडोजर (कार्रवाई का पूरा विवरण)

उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-27 के तहत प्राधिकरण ने यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। अवैध प्लाटिंग करने वालों का विवरण इस प्रकार है:

क्र.सं. भू-स्वामी/प्लाटिंग करने वाले का नाम मौजा (लोकेशन) प्रभावित क्षेत्रफल
1. रिन्कू सिंह मौजा-जयरामपुर 7 बीघा
2. आलोक सिंह मौजा-जयरामपुर 5 बीघा
3. गोलू मिश्रा मौजा-जयरामपुर 3 बीघा
4. अनिल मिश्रा मौजा-मगरहुआ, जयरामपुर 3 बीघा
5. ऋषभ सिंह मौजा-जयरामपुर 4 बीघा
6. राजेश पटेल मौजा-जयरामपुर 12 बीघा
7. संजय सिंह मौजा-मुनारी 15 बीघा
8. मुकेश सिंह मौजा-मुनारी 6 बीघा
9. पम्पी पटेल मौजा-मुनारी 7 बीघा

इस पूरी कार्रवाई के दौरान वीडीए के जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश, अवर अभियंता (JE) राजू कुमार सहित प्रवर्तन टीम के अन्य सदस्य और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

वीडीए (VDA) की आम जनता से अपील: प्लॉट खरीदने से पहले बरतें ये सावधानियां

सावधान! आपकी गाढ़ी कमाई डूब न जाए: वाराणसी विकास प्राधिकरण ने आम जनता को ठगी से बचाने के लिए एक आवश्यक गाइडलाइन और अपील जारी की है:

  • लैंडयूज की जांच: कोई भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित भूखंड का लैंडयूज (Landuse) जरूर चेक करें और सुनिश्चित करें कि वह आवासीय (Residential) श्रेणी में आता हो।

  • रास्ते की चौड़ाई: नियमानुसार, किसी भी वैध प्लाटिंग या कॉलोनी के लिए कम से कम 09 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग (Approach Road) होना अनिवार्य है।

  • ले-आउट स्वीकृति: ले-आउट पास होने के बाद ही प्लॉट की खरीद-बिक्री या निर्माण कार्य करें।

  • 7 दिनों में मंजूरी: वीडीए ने साफ किया है कि प्राधिकरण में ले-आउट का आवेदन जमा होने के बाद नियमानुसार सिर्फ 7 दिनों के भीतर स्वीकृति देने का प्रावधान है।

कड़ी चेतावनी: वाराणसी विकास प्राधिकरण ने साफ लहजे में कहा है कि लोग केवल वीडीए से स्वीकृत ले-आउट वाले प्लॉट ही खरीदें। बिना मानचित्र (Map) स्वीकृत कराए किसी भी तरह का निर्माण कार्य न करें, अन्यथा भविष्य में और भी ज्यादा कठोर दंडात्मक व प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी।