सावन में वाराणसी की सुरक्षा अभेद्य: 5 जोन व 15 सेक्टर में बंटेगा शहर, 5000 पुलिसकर्मी और त्रिनेत्र कैमरों से होगी निगरानी
पुलिस आयुक्त और डीएम ने गोदौलिया से दशाश्वमेध तक किया पैदल निरीक्षण; कांवड़ियों के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक आरक्षित रहेगी एक लेन।
वाराणसी (भदैनी मिरर): आगामी श्रावण मास में देश-विदेश से काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा व सुगम यातायात (RTC Scheme) को लेकर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
गुरुवार (23 जुलाई 2026) को पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी (DM) सत्येन्द्र कुमार ने आला अधिकारियों के साथ गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
5000 जवान, 5 IPS और 'त्रिनेत्र' से पैनी नजर
श्रावण मास, विशेषकर सावन सोमवार और शिवरात्रि पर उमड़ने वाली विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर को 05 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है।
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सुरक्षा बल: सुरक्षा व्यवस्था की कमान 05 IPS अधिकारी और 50 राजपत्रित अधिकारी (COs/ACPs) संभालेंगे, जिनके साथ लगभग 5000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
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हाईटेक निगरानी: शहर का 70 प्रतिशत हिस्सा सीसीटीवी कैमरों से लैस है। त्रिनेत्र प्रणाली के जरिए कंट्रोल रूम से पूरे शहर, संवेदनशील इलाकों और रेलवे स्टेशनों की 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
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सादे कपड़ों में पुलिस: असामाजिक और संदिग्ध तत्वों पर नजर रखने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे वस्त्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा।
कांवड़ मार्ग पर प्रयागराज से मोहनसराय तक बनेगी 'आरक्षित लेन'
कांवड़ यात्रियों के सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन ने विशेष रूट चार्ट तैयार किया है:
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डेडिकेटेड लेन: प्रयागराज से मोहनसराय तक नेशनल हाईवे पर कांवड़ियों के लिए एक पूरी लेन आरक्षित रखी जाएगी।
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त्वरित सहायता: कांवड़ मार्ग पर हर 4 किलोमीटर पर पीआरवी (PRV) या फैंटम दस्ता मुस्तैद रहेगा।
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सुविधाएं: कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बूथ, विश्राम स्थल और आपातकालीन चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
गंगा घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग व जल पुलिस की तैनाती
गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
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घाटों पर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए डीप वाटर बैरिकेडिंग की जाएगी।
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जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और प्रशिक्षित निजी गोताखोर घाटों पर हर समय तैनात रहेंगे।
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भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
ध्वनि मानकों पर ही बजेंगे डीजे
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान डीजे का संचालन माननीय अदालत द्वारा तय ध्वनि मानकों (Decibel Limits) के अनुरूप ही होगा। डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई ऐसी नहीं होगी जिससे किसी दुर्घटना या सुरक्षा का खतरा बने।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार यादव, एडीसीपी वैभव बांगर, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा और एसीपी दशाश्वमेघ अतुल अंजान त्रिपाठी समेत कई थानों के प्रभारी और पुलिस बल मौजूद रहे।