राहुल गांधी मामले में वाराणसी की MP-MLA कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, 9 जुलाई को आएगा बड़ा आदेश
अमेरिका में दिए बयान के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी, निचली अदालत से दो बार खारिज हो चुका है परिवाद
वाराणसी (भदैनी मिरर)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की अदालत में चल रहे एक परिवाद मामले में मंगलवार को बड़ी प्रगति हुई है। वाराणसी की विशेष MP-MLA कोर्ट (अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत) ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें और कानूनी बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में आगामी 9 जुलाई को अदालत का अंतिम आदेश आने की पूरी संभावना है।
यह पूरा मामला राहुल गांधी द्वारा विदेश में दिए गए एक बयान और उससे आहत हुई जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें लंबे समय से कानूनी दांव-पेंच चल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला? क्यों दर्ज हुआ था परिवाद?
दरअसल, वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी नागेश्वर मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में एक परिवाद (शिकायत) दायर किया था। परिवादी नागेश्वर मिश्र का आरोप है कि राहुल गांधी ने सितंबर 2024 में अपने अमेरिका दौरे के दौरान एक ऐसा बयान दिया था, जिससे उनकी और देश के कई नागरिकों की धार्मिक/सामाजिक भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुईं। इसी बयान को आधार बनाकर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक का सफर: समझिए पूरी कानूनी टाइमलाइन
इस मामले का कानूनी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:
- 28 नवंबर 2024: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ), वाराणसी ने शुरुआती सुनवाई के बाद नागेश्वर मिश्र के इस परिवाद को खारिज कर दिया था।
- 21 जुलाई 2025: इस फैसले के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने MP-MLA कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए मामले पर दोबारा सुनवाई करने का निर्देश जारी किया।
- 26 सितंबर 2025: राहुल गांधी ने जिला अदालत के इस आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी आपराधिक निगरानी याचिका को खारिज कर दिया, जिससे मामला वापस वाराणसी आ गया।
- 18 अक्तूबर 2025: हाईकोर्ट के निर्देश पर जब मामला फिर से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) की अदालत में पहुंचा, तो वहां गहन समीक्षा के बाद इस परिवाद को दूसरी बार खारिज कर दिया गया।
दोबारा खारिज होने पर फिर MP-MLA कोर्ट पहुंचे परिवादी
निचली अदालत से दूसरी बार परिवाद खारिज होने के बाद नागेश्वर मिश्र ने हार नहीं मानी और एक बार फिर MP-MLA कोर्ट में निगरानी याचिका (Revision Petition) दाखिल की।
मंगलवार को इसी निगरानी याचिका पर वाराणसी की अदालत में अंतिम बहस हुई। परिवादी की ओर से उनके अधिवक्ता ने पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पत्रावली का अवलोकन किया और निर्णय सुरक्षित रख लिया। अब सभी की निगाहें 9 जुलाई पर टिकी हैं, जब कोर्ट इस पर अपना फैसला सुनाएगा।