वाराणसी: "कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है"; रामनगर में छात्राओं ने पदयात्रा निकाल भरी नारी शक्ति की हुंकार
छात्राओं ने ली सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की शपथ, भेदभाव मिटाने का किया संकल्प
वाराणसी (रामनगर)। डोमरी स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023' के अंतर्गत दो दिवसीय 'नारी शक्ति जागरूकता कार्यक्रम' का भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन महाविद्यालय की छात्राओं ने 'नारी शक्ति पदयात्रा-2026' निकालकर समाज में महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान का संदेश प्रसारित किया।
पैदल मार्च से गूंजी रामनगर की गलियां
हाथों में जागरूकता बैनर और जुबान पर "नारी शक्ति राष्ट्र की पहचान" जैसे नारे लिए छात्राओं की पदयात्रा महाविद्यालय परिसर से शुरू हुई। यह यात्रा सेमरा, डोमरी और बाल विद्यालय होते हुए वापस महाविद्यालय पहुंची। पदयात्रा के दौरान छात्राओं ने जोशीले नारों—"तू नारी नहीं चिंगारी है, मौत भी तुझसे हारी है"—के माध्यम से नारी शक्ति की महत्ता को रेखांकित किया।
सुरक्षा और सम्मान की ली शपथ
महाविद्यालय परिसर में छात्राओं ने सामूहिक रूप से नारी सम्मान और सुरक्षा की शपथ ली। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे समाज से भेदभाव और अन्याय को समाप्त करने के लिए निरंतर जागरूकता फैलाएंगी और महिलाओं की शिक्षा व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी।
प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने बढ़ाया उत्साह
महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने छात्राओं और शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति का सशक्त होना ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव है। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और समाज में अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए प्रेरित किया।
दो दिवसीय आयोजन का समापन
नारी शक्ति के प्रति जागरूकता का यह विशेष अभियान 16 और 17 अप्रैल को आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर और विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से अपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सी.एम.ओ श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय, डॉ. प्रतिमा राय, डॉ. लक्ष्मी, श्रीमती सीमा मिश्रा, श्रीमती अल्पा तिवारी, वैशाली पाण्डेय, अंजली विश्वकर्मा, अनामिका तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।