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वाराणसी : अखिल भारतीय आम हड़ताल के समर्थन में जिला मुख्यालय पर मजदूरों ने भरी मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार

किसान विरोधी ट्रेड डील, बुलडोजर कार्रवाई और जबरिया भूमि अधिग्रहण समेत विभिन्न मुद्दों पर रखी बात

 

वनाधिकार कानून लागू करने की मांग, निजीकरण के खिलाफ जताया रोष

वाराणसी, भदैनी मिरर। अखिल भारतीय आम हड़ताल के समर्थन में गुरूवार को जिला मुख्यालय कचहरी के निकट स्थित अम्बेडकर पार्क में विरोध प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। देश भर के 10 ट्रेड यूनियनों के हड़ताल के आह्वान पर वाराणसी में ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियन्स के नेतृत्व में निर्माण मजदूर यूनियन, घरेलू कामगार समूह, अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा, आशा वर्कर्स यूनियन आदि के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा, ऐपवा आदि ने हड़ताल के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को सम्बोधित मांगपत्र अपर श्रमायुक्त वाराणसी को और खेग्रामस का मांगपत्र कचहरी चौकी इंचार्ज को सौंपा गया। 

इस दौरान सभा में वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध‘ के खिलाफ वह मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। मजदूर  विरोधी  जी रामजी कानून को रद्द करने, 4 लेबर कोड को निरस्त करने की मांग की गई। उन्होंने कहाकि अमेरिका के साथ किया गया देश और किसान विरोधी समझौता (ट्रेड डील) मोदी जी का आत्मसमर्पण है। बिजली, रेल, उड्डयन, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिफेंस, कोयला, बीमा आदि क्षेत्रों का निजीकरण एवं निगमीकरण के खिलाफ वक्ताओं ने रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि वनाधिकार कानून लागू किया जाय और जबरिया भूमि अधिग्रहण और बुलडोजर राज पर रोक लगाई जाय।

अखिल भारतीय किसान महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कामरेड कृपा वर्मा, ऐपवा की प्रदेश सचिव कामरेड कुसुम वर्मा, खेग्रामस के जिला सचिव कामरेड मिठाई लाल, कामरेड सीमा चौधरी, आशा कर्मी धर्मा, धनशीला, विमला एव चंदा, डॉक्टर अब्दुल्ला, भोलानाथ मौर्य, सुरेन्द्र राजभर आदि ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप्र. निर्माण मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड अमर नाथ राजभर ने और संचालन जिला कार्यालय सचिव कामरेड आर डी सिंह विप्लवी ने किया।