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वाराणसी में उमस और भीषण गर्मी से जल्द मिलेगी राहत, इस तारीख से मानसून की झमाझम बारिश का अलर्ट

काशी में विदाई वेला में मौसम का टॉर्चर: रात 11:30 बजे भी पारा 38 डिग्री पार

 

29 जून से बदलेगा मौसम का मिजाज, आंधी और बौछारों की संभावना

मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी: 3 जुलाई से 6 जुलाई के बीच मानसून की दस्तक

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): काशी में मानसून की एंट्री से ठीक पहले मौसम अपने सबसे तल्ख मिजाज में है। विदाई वेला में तपिश और उमस के गठजोड़ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शनिवार को सुबह की शुरुआत के साथ ही जो गर्मी शुरू हुई, उसने रात तक लोगों को बेचैन रखा। वाराणसी में गर्मी का आलम यह था कि शनिवार रात 11:30 बजे भी तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों को घरों में भी उमस से बेहाल कर दिया।

72 घंटे की मेहमान है यह तपिश, 29 से मिलेगी राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, वाराणसी वासियों को इस असहज करने वाली गर्मी से जल्द ही राहत मिलने वाली है। लू, तपिश और उमस का यह दौर अगले 72 घंटों तक यानी 29 जून तक ही परेशान करेगा। 29 जून की शाम या रात से ही आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और तेज आंधी-पानी का सिलसिला शुरू हो सकता है, जो 2 जुलाई तक जारी रहने की उम्मीद है।

3 जुलाई से झमाझम बरसेगा मानसून

पूर्वांचल में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 3 जुलाई से 6 जुलाई के बीच वाराणसी और आस-पास के जिलों में मानसून की औपचारिक एंट्री हो सकती है। इसके बाद क्षेत्र में झमाझम और भारी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।

सामान्य से 5 डिग्री ऊपर चल रहा है पारा

शनिवार को दिनभर तीखी धूप और गर्म हवाओं (लू) का जोर रहा। बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत जुटा सके। शनिवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये दोनों ही तापमान सामान्य से क्रमशः 5.5 और 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक हैं। रात 11 बजे के आसपास हवा में नमी 30 प्रतिशत थी और आसमान में बादल छाए हुए थे, जिससे थंडर स्टॉर्म (आंधी-तूफान) के साथ अचानक बौछारें पड़ने की संभावना भी बनी रही।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट? काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 30 जून से पूरे उत्तर प्रदेश में वर्षा का एक नया और मजबूत दौर शुरू होने की प्रबल संभावना दिख रही है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।