वाराणसी मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का आरोप: 3.6 लाख वोटर्स की लिस्ट में बड़ी अनियमितताएं
एक ही वोटर का 8 जगहों पर नाम और अलग EPIC नंबर; अलाईपुर के निवासियों को सारनाथ वार्ड में किया शामिल
भदैनी मिरर, वाराणसी: वाराणसी में हाल ही में जारी की गई नई मतदाता सूची (SIR 2026) को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जून माह में जारी इस नई सूची में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर सामने आए एक वीडियो में दावा किया गया है कि कुल 3 लाख 60 हजार मतदाताओं वाली इस सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं, जिससे चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मतदाता सूची में सामने आईं ये 4 बड़ी खामियां
शिकायतकर्ता और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस नई मतदाता सूची में प्रशासनिक लापरवाही के कई हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:
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नामों का दोहराव और अलग EPIC नंबर: सूची में सबसे बड़ी धांधली नामों के दोहराव को लेकर है। आरोप है कि कई मतदाताओं के नाम आठ अलग-अलग जगहों पर दर्ज कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, हर स्थान पर उस मतदाता का 'एपिक नंबर' (EPIC Number - वोटर आईडी संख्या) भी अलग-अलग दर्शाया गया है।
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पारिवारिक विवरण में गलतियां: सूची में पारिवारिक जानकारियों को भी बुरी तरह बदल दिया गया है। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम एक जगह दर्ज है, जबकि उसके पति या पत्नी का नाम किसी अन्य वर्ग या पूरी तरह से गलत विवरण के साथ किसी दूसरी जगह जोड़ दिया गया है।
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गलत वार्डों में शामिल किए गए नाम: भौगोलिक स्तर पर भी भारी लापरवाही देखने को मिली है। अलाईपुर वार्ड के मूल निवासियों के नाम उठाकर सारनाथ के नवापुरा मोहल्ले की मतदाता सूची में डाल दिए गए हैं, जिससे वोटर्स को अपना पोलिंग बूथ ढूंढने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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मकान नंबर '00' दर्ज: डेटा फीडिंग में घोर लापरवाही का आलम यह है कि कई मतदाताओं के पते में मकान नंबर की जगह सिर्फ '00' दर्ज कर दिया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही या जानबूझकर की गई साजिश? जांच की मांग
इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित व्यक्ति ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में त्रुटियां महज एक इत्तेफाक नहीं हो सकतीं। यह या तो चुनाव से जुड़े अधिकारियों की घोर लापरवाही का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई जानबूझकर की गई गड़बड़ी है।
लोकतंत्र के इस सबसे बड़े अधिकार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग (Election Commission) से तुरंत इस मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। मांग की गई है कि इस मतदाता सूची की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि चुनाव से पहले इन सभी तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों को सुधारा जा सके और वास्तविक मतदाताओं को मतदान के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्या का सामना न करना पड़े।