वाराणसी: 'लोकतंत्र बचाओ, ज्ञानेश हटाओ' अभियान के तहत सपा व इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
'लोकतंत्र बचाओ, ज्ञानेश हटाओ' अभियान के तहत राष्ट्रपति महोदया के नाम सौंपा ज्ञापन; सपा ने मतदाता सूची से नाम विलोपित करने और निष्पक्ष मताधिकार पर उठाए गंभीर सवाल।
भदैनी मिरर डेस्क: वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने देश में लोकतंत्र और नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार की रक्षा के लिए एक बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश एवं गठबंधन के संयुक्त निर्णय के तहत सपा व सहयोगी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
'लोकतंत्र बचाओ, ज्ञानेश हटाओ' का नारा
सपा और गठबंधन नेताओं का मुख्य विरोध मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। ज्ञापन में 'लोकतंत्र बचाओ, ज्ञानेश हटाओ' का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग की गई है। नेताओं का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की कार्यशैली से निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी का आरोप
महामहिम राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि देश भर में चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
सपा नेताओं का दावा है कि बिना किसी पर्याप्त भौतिक सत्यापन और जांच-पड़ताल के पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। वहीं, नए और पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने की प्रक्रिया में जानबूझकर जटिलताएं और बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। यदि यही स्थिति रही, तो देश की एक बड़ी आबादी अपने मौलिक और संवैधानिक मताधिकार से वंचित हो जाएगी।
"मताधिकार छीनना लोकतंत्र की मूल भावना पर प्रहार": सपा
ज्ञापन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश में मताधिकार ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे भारत का संविधान हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के प्रदान करता है। यदि नागरिकों से उनकी अपनी सरकार चुनने का अधिकार ही छीन लिया जाएगा, तो "जनता की, जनता के द्वारा और जनता के लिए" चलने वाली लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो जाएगी।
निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग
सपा और इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति से गुहार लगाते हुए पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में मांग की गई है कि:
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मतदाता सूचियों में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
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स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए।