वाराणसी: बुर्का पहनकर बाइक से जा रहे दो मुस्लिम युवक धराये, वजह जान आप भी नहीं रोक पाएंगे हंसी
मॉडिफाइड साइलेंसर की वजह से बाइक सीज, जानें क्या करने जा रहे थे इमिलिया घाट
भदैनी मिरर न्यूज़ डेस्क, वाराणसी: स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और तिरंगा यात्रा के बीच वाराणसी के मलदहिया चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र ने चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोक लिया। बाइक पर पीछे बैठा युवक महिलाओं वाला नकाब (बुर्का) और चश्मा पहने हुए था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर सिगरा थाने ले आई, जहां खुफिया एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों ने उनसे कड़ी पूछताछ की।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगी थीं, जिस पर विराम लगाते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
प्रैंक रील्स बनाने का था चक्कर
पुलिस जांच और अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए दोनों युवक कक्षा 12 के छात्र हैं। इनमें से एक आसाद अंसारी (निवासी शिवपुर) और दूसरा मिजान अहमद (निवासी औरंगाबाद लहानपुरा, लक्सा) है।
पूछताछ में छात्रों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया पर 'प्रैंक वीडियो' और रील्स (Reels) बनाने के शौकीन हैं। वे नकाब पहनकर इमलिया घाट पर वीडियो शूटिंग करने जा रहे थे।
जांच में नहीं मिली कोई आपत्तिजनक सामग्री
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी चेतगंज, स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस (आईबी) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दोनों से गहन पूछताछ की। जांच के दौरान उनके पास से कोई भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।
माफीनामा लिखवाकर परिजनों के किया सुपुर्द, गाड़ी सीज
हालांकि, जिस यामाहा बाइक (UP 65 FF 0716) से वे जा रहे थे, उसमें 'मॉडिफाइड साइलेंसर' लगा हुआ था, जिसके चलते पुलिस ने वाहन को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सीज कर दिया है।
सिगरा पुलिस ने दोनों छात्रों के परिजनों को थाने बुलाकर पूरी बात बताई। इसके बाद भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की सख्त हिदायत देते हुए और माफीनामा लिखवाकर दोनों युवकों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।