वाराणसी ट्रेन हादसा: मवेशी बचाने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आए थे भाई-बहन; बहन की मौत के बाद, भाई ने भी तोड़ा दम
वाराणसी में काल बनी तेज रफ्तार ट्रेन: बहन को बचाने दौड़ा भाई भी हारा जिंदगी की जंग, गांव में पसरा सन्नाटा
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के राजपुर गांव के समीप बुधवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा में रेलवे ट्रैक पर मवेशी को बचाने के चक्कर में ट्रेन की चपेट में आने से 19 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, बहन को बचाने दौड़ा 17 वर्षीय छोटा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने गुरुवार सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 24 घंटे के भीतर भाई बहन की मौतों से पूरे गांव में मातम पसर गया है।
जानकारी के अनुसार, राजपुर गांव के हीरा मणि की 19 वर्षीय पुत्री अन्नू पाल बुधवार शाम को रेलवे लाइन के किनारे बकरी चरा रही थी। इसी दौरान वाराणसी से प्रयागराज की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार ट्रेन वहां से गुजरी। अपनी बकरियों को ट्रैक से हटाने के प्रयास में अन्नू ट्रेन के बेहद करीब आ गई। बहन को मौत के मुंह में जाते देख उसका छोटा भाई टिंकू पाल (17 वर्ष) उसे बचाने के लिए चिल्लाते हुए ट्रैक की तरफ दौड़ा। लेकिन ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि दोनों उसकी चपेट में आ गए। इस भीषण टक्कर में अन्नू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि टिंकू गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। गुरुवार सुबह गंभीर अवस्था में टिंकू की भी इलाज के दौरान मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
दो भाई एक बहन में मृतक अन्नू 10वीं तक की थी पढ़ाई जब की टिंकू इस वर्ष ही 12वीं का परीक्षा उत्तीर्ण किया था, पिता हीरा मणि किसानी का काम कर के परिवार का भरण पोषण करते थे, इस हादसे के बाद बड़ा भाई अपने भाई-बहन को खाने से बदहवास है। दादी दुलारो देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
गौरतलब है कि इस घटना में बुधवार की रात बहन की मौत के बाद बदहवास परिजन पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी पचड़े से बचने की कोशिश करने लगे थे। उन्होंने मृतका अन्नू के शव को एक बोरी में बंद कर घर के भूसा घर में छिपा दिया था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को शव बरामद करने के लिए करीब 3 घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।