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वाराणसी: सड़क किनारे मिला युवक का शव, पुलिस बता रही हादसा तो परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

लोहता के मोढ़ौला तिराहे तिराहे पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला भेलूपुर निवासी सतीश कुमार का शव, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत मोढ़ौला तिराहे के पास शनिवार देर रात 40 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआत में पुलिस को अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत की सूचना मिली थी, हालांकि मृतक के परिजनों ने इसे हादसा मानने से साफ इनकार करते हुए हत्या कर शव फेंके जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।

भेलूपुर के कोल्हुआ विनायका का रहने वाला था मृतक

मृतक की पहचान 40 वर्षीय सतीश कुमार (पुत्र स्वर्गीय राधेश्याम) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से भेलूपुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ विनायका का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक का छोटा भाई शैलेंद्र कुमार मौके पर पहुंचा। शैलेंद्र ने लोहता थानाध्यक्ष को लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

'हत्या कर हादसे का रुप देने की कोशिश' - भाई का आरोप

मृतक के भाई शैलेंद्र कुमार के अनुसार, देर रात लोहता पुलिस ने फोन पर सूचना दी कि उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। जब वे मोढ़ौला तिराहे के पास पहुंचे, तो सतीश का शव सड़क किनारे पड़ा हुआ था और उनके सिर से लगातार खून बह रहा था।

शैलेंद्र का आरोप है कि उनके भाई की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और फिर साक्ष्य छिपाने व मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को तिराहे के पास फेंक दिया गया। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।

CCTV और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज 

मामले की जानकारी देते हुए लोहता थानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को रात में सूचना मिली थी कि किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की जान गई है। लेकिन परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है।

थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि जिस जगह पर शव बरामद हुआ है, वहां पास में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और साक्ष्यों की जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।