वाराणसी: हरहुआ PHC पर जल्द शुरू होगा अस्थायी मिनी ट्रॉमा सेंटर
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण, सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए बनाई जा रही खास कार्ययोजना।
वाराणसी। जनपद में रिंग रोड और बाबतपुर एयरपोर्ट मार्ग पर होने वाले सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। दुर्घटना की स्थिति में घायलों को 'गोल्डन आवर' (दुर्घटना के ठीक बाद का पहला संवेदनशील घंटा) के भीतर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), हरहुआ पर शासन स्तर से स्थायी व्यवस्था होने तक एक अस्थायी मिनी ट्रॉमा सेंटर संचालित किया जाएगा। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने खुद पीएचसी का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सीएमओ ने परखा हरहुआ पीएचसी का बुनियादी ढांचा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने हरहुआ पीएचसी परिसर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अस्थायी मिनी ट्रॉमा सेंटर के लिए परिसर में सबसे उपयुक्त स्थान का चयन करने और वहां आवश्यक मरम्मत व सुधार कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि इस सेंटर को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर (OT) की मरम्मत और अन्य जरूरी जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
दुर्घटना जनित मौतों को रोकने में मिलेगी मदद
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि:
"रिंग रोड और एयरपोर्ट मार्ग पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को घटनास्थल के बेहद नजदीक ही तत्काल प्राथमिक और आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराना हमारा मुख्य लक्ष्य है। मिनी ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही, यदि मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होती है, तो उसे बेहतर समन्वय के साथ उच्च चिकित्सा संस्थानों (जैसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर या डीडीयू अस्पताल) में रेफर किया जा सकेगा। इससे दुर्घटना के कारण होने वाली मौतों और गंभीर शारीरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।"
मानव संसाधन की होगी तैनाती
अस्थायी मिनी ट्रॉमा सेंटर के सुचारु और 24 घंटे संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की तैनाती की व्यवस्था भी कर रहा है। शासन से बजट और स्थायी ट्रॉमा सेंटर की मंजूरी मिलने तक यह अस्थायी मिनी ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र के लिए एक बड़ा लाइफ-सेवर साबित होगा।