वाराणसी: शिवपुर रेलवे स्टेशन पर 12 लाख रुपये के दुर्लभ कछुओं संग तस्कर गिरफ्तार
GRP और RPF की संयुक्त कार्रवाई: 300 वर्ष पुराने बताए जा रहे दुर्लभ कछुए; तंत्र-मंत्र और शक्तिवर्धक दवाओं के नाम पर होती थी तस्करी।
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): धर्मनगरी वाराणसी में दुर्लभ प्रजाति के जीवों की तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को बड़ी सफलता मिली है। शिवपुर रेलवे स्टेशन पर चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से दुर्लभ प्रजाति के 12 कछुए बरामद किए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इन कछुओं की अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये आंकी गई है।
अमेठी से बंगाल भेजने की थी योजना, कुंभ एक्सप्रेस से पहुंचा था आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पकड़ा गया तस्कर कछुओं की इस खेप को उत्तर प्रदेश के अमेठी से लेकर आया था और पश्चिम बंगाल ले जाने की फिराक में था। आरोपी कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए वाराणसी के शिवपुर रेलवे स्टेशन पर उतरा था, लेकिन इससे पहले कि वह अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ता, पहले से सतर्क GRP और RPF की टीम ने उसे स्टेशन परिसर में ही धर दबोचा।
300 वर्ष पुरानी दुर्लभ प्रजाति: तंत्र-मंत्र और दवाइयों के लिए मांग
बरामद किए गए कछुओं के संबंध में बताया जा रहा है कि ये बेहद दुर्लभ प्रजाति के हैं, जिनकी उम्र लगभग 300 वर्ष तक की बताई जा रही है।
तस्करी के नेटवर्क पर जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन दुर्लभ कछुओं का इस्तेमाल अक्सर:
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शक्तिवर्धक (एफ्रोडिसियाक) दवाइयों के निर्माण में,
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तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जुड़े अनुष्ठानों में,
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तथा कुछ विशिष्ट शौकीन मांसाहारी लोगों के भोजन के रूप में
किया जाता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय ब्लैक मार्केट में इनकी बेहद ऊंची कीमत मिलती है।
जीआरपी कैंट प्रभारी का बयान
मामले की जानकारी देते हुए जीआरपी कैंट (वाराणसी) के प्रभारी निरीक्षक रजोला नागर ने बताया:
"शिवपुर स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर की गई चेकिंग के दौरान एक तस्कर को पकड़ा गया है। उसके पास से 12 दुर्लभ कछुए बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपये है। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है।"
बरामद किए गए सभी कछुओं को सुरक्षित वन विभाग के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।