वाराणसी श्रेया उपाध्याय हत्याकांड: मुख्य आरोपी विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; जानें ब्लैकमेलिंग और 22 लाख की सुपारी की पूरी इनसाइड स्टोरी
श्रेया की शादी DRDO अधिकारी से तय होने पर रची गई थी हत्या की साजिश; मऊ के साथी पुनीत संग मिलकर वारदात को दिया था अंजाम
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के बहुचर्चित श्रेया उपाध्याय हत्याकांड के मुख्य आरोपी विवेक चौबे उर्फ निखिल को राजातालाब पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने सोमवार (07 सितंबर 2026) तड़के मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। भागने की कोशिश में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसके पास से एक देशी तमंचा, खोखा और जिन्दा कारतूस बरामद किया है।
यह घटना केवल एक हत्या भर नहीं, बल्कि भरोसे, ब्लैकमेलिंग, लालच और शातिर साजिश की एक खौफनाक दास्तान है।
जगतदेवपुर के पास घेराबंदी, पुलिस पर फायरिंग
पुलिस उपायुक्त (गोमती ज़ोन) नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र के निर्देशन में गठित टीमों को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वांछित अभियुक्त विवेक चौबे जगतदेवपुर की ओर से गुजर रहा है। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी की, तो आरोपी पैदल भागने लगा और पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जक्खिनी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
शादी तय होने से था नाराज, 22 लाख की दी थी सुपारी
पूछताछ में सामने आया कि 22 वर्षीया श्रेया उपाध्याय, जो जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी रसायन विज्ञान की छात्रा और परिवार की इकलौती बेटी थीं, उनके नाम करोड़ों की संपत्ति थी। आरोपी विवेक चौबे (निवासी नियार डीह, चोलापुर) श्रेया का दूर का रिश्तेदार था और उस पर बुरी नजर रखता था।
जब श्रेया के परिजनों ने विवेक के रिश्ते को ठुकरा कर उनकी शादी एक DRDO अधिकारी से तय कर दी (जिसकी सगाई नवंबर और विवाह फरवरी में होना था), तो विवेक ने हत्या की साजिश रची। उसने मऊ के अपने आर्थिक तंगी से जूझ रहे साथी पुनीत मिश्रा को 22 लाख रुपये की सुपारी दी।
20 मिनट में वारदात को अंजाम देकर शव बाथरुम में बंद किया
18 अगस्त 2026 को कॉलेज जाते समय विवेक ने श्रेया को रास्ते में रोका और दबाव बनाकर बच्छांव स्थित अपने किराये के कमरे पर ले गया। वहां पुनीत पहले से मौजूद था। विवेक ने श्रेया के हाथ पकड़े और पुनीत ने चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। महज 20 मिनट के भीतर वारदात को अंजाम देकर दोनों शव को बाथरूम में बंद कर फरार हो गए। 20 अगस्त को पुलिस ने रोहनिया क्षेत्र से सड़ा-गला शव बरामद किया था।
पिता और साथी पहले ही जा चुके है जेल
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 24 अगस्त को मुठभेड़ के बाद सुपारी किलर पुनीत मिश्रा को जेल भेजा था। इसके बाद 27 अगस्त को विवेक के पिता रामसहाय चौबे को गिरफ्तार किया गया, जो इस साजिश में शामिल थे।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार (थाना राजातालाब) के नेतृत्व में दरोगा अविनाश कुमार सिंह, राजेश मौर्य, सुनील यादव, रोहित दूबे, कांस्टेबल राजू सोनकर, देवानंद, रोहित वर्मा, हेड कांस्टेबल चालक गिरजा शंकर और रिक्रू
ट कांस्टेबल चन्दन मौर्या शामिल रहे।