वाराणसी: सावन में काशी के 55 चौराहों पर गूंजेगा शिवस्रोत, गृहकर बकायेदारों के लिए OTS योजना मंजूर; 100% ब्याज होगा माफ
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर; प्लास्टिक मुक्त रहेंगे मंदिर परिसर, कांवड़ियों के लिए 24 घंटे खुलेंगे शौचालय।
वाराणसी (भदैनी मिरर): सावन के पावन महीने में धर्मनगरी काशी का कोना-कोना अब और भी ज्यादा आध्यात्मिक एवं शिवमय रंग में रंगा नजर आएगा। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित वाराणसी नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। आगामी 5 अगस्त से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शिवस्रोत की मधुर स्वर लहरियां गूंजेंगी।
बैठक में उपसभापति नरसिंह दास एवं अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने शहर की बुनियादी समस्याओं, विकास कार्यों की गति और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिस पर नगर आयुक्त को त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए।
15 अगस्त से लागू होगी OTS योजना, 100% ब्याज और सरचार्ज माफ
काशीवासियों को बड़ी राहत देते हुए नगर निगम ने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायेदारों के लिए 'एकमुश्त समाधान योजना' (OTS) को मंजूरी दे दी है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि:
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यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक (4 महीने) प्रभावी रहेगी।
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योजना के तहत मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने पर पूरे ब्याज और सरचार्ज में 100% छूट दी जाएगी।
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₹1 लाख तक के बकायेदारों के लिए किस्तों की सुविधा: कुल बकाया राशि का 1/3 भाग शुरुआती 30 दिनों में और शेष राशि 2 आसान मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी।
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इसके अलावा सूक्ष्म व लघु उद्योगों के संपत्ति कर में संशोधन कर उन्हें छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों के समान टैक्स स्लैब में लाया गया है।
सावन मेला व्यवस्था और बाढ़ राहत को लेकर नगर निगम 'हाई अलर्ट' पर
सावन माह और गंगा-वरुणा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कार्यकारिणी ने पूरे नगर प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है:
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प्लास्टिक मुक्त परिसर: सभी प्रमुख शिवालयों और मंदिर परिसरों के आसपास प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
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कांवड़ियों के लिए सुविधाएं: कांवड़ियों के सुगम आवागमन, विश्राम स्थलों के निर्माण और 24 घंटे निःशुल्क शौचालय की व्यवस्था होगी। सार्वजनिक शौचालयों पर रेट-बोर्ड (दर तालिका) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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बाढ़ राहत शिविर: बाढ़ की आशंका के मद्देनजर राहत शिविरों में शुद्ध पेयजल, भोजन, बेड और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध कब्जों पर सख्ती और विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान पार्षदों एवं सदस्यों ने विकास परियोजनाओं और शहर की संपत्तियों के संरक्षण पर सख्त रुख अपनाया:
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पंचक्रोशी मार्ग: पंचक्रोशी मार्ग स्थित धर्मशालाओं से अवैध कब्जे हटाकर उन्हें नगर निगम के नियंत्रण में लेने का आदेश दिया गया।
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कर्मचारियों का मानदेय: आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटरों, डेटा एनालिस्टों और आईटी विशेषज्ञों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया।
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पारदर्शिता और गुणवत्ता: नाला सफाई का वार्डवार ब्यौरा, वॉटर हार्वेस्टिंग, ट्री-गार्ड प्रगति रिपोर्ट और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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विभूतियों के आवास: भारत रत्न व पद्म पुरस्कारों से सम्मानित काशी की महान हस्तियों के आवासों को संग्रहालय के रूप में विकसित करने और मोहल्लों का नामकरण करने की योजना पर रिपोर्ट मांगी गई।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, सदस्य प्रवीण राय, मदन मोहन तिवारी, अशोक मौर्या, राजकपूर चौधरी, संजय केशरी, संदीप रघुवंशी, गोविंद पटेल, बलराम कन्नौजिया, मदन मोहन तिवारी, इंद्रा रानी, सुशीला देवी, माधुरी सिंह सहित अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सीमा पांडेय, अमित कुमार और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।