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वाराणसी: काशी के श्री जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का शिलान्यास, शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने रखी आधारशिला

भव्य आयोजन: कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य ने अपने कर-कमलों से किया शिला पूजन.

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्म नगरी काशी की प्राचीन धरोहरों को सहेजने की दिशा में आज एक बड़ा अध्याय जुड़ा। वाराणसी के अस्सी स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु शुक्रवार, 1 मई 2026 को भव्य शिलान्यास एवं शिला पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए काशी के साधु-संतों और प्रबुद्ध नागरिकों का जमावड़ा लगा रहा।

शंकराचार्य ने किया शिलान्यास

जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य परम पूज्य स्वामी शंकरविजयेंद्र सरस्वती जी महाराज द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के बीच किया गया। शिलान्यास के बाद अपने आशीर्वचन में शंकराचार्य जी ने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

मातृशक्ति की कलश यात्रा से गूंजी काशी

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9:00 बजे एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर क्षेत्र का भ्रमण किया, जिसके बाद सुबह 11:00 बजे तक मुख्य शिला पूजन की प्रक्रिया चली।

108 विभूतियों का सम्मान

इस पावन अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से चयनित 108 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को जगद्गुरु शंकराचार्य जी के हाथों सम्मानित किया गया। आयोजन में काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ट्रस्ट की भव्य योजना

ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के सचिव श्री शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार न केवल इसकी संरचना को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि यह काशी की समृद्ध विरासत को एक नया और भव्य स्वरूप भी देगा। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग के लिए सभी काशीवासियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से न्यासी डॉ. संजीव राय, रवि प्रताप सिंह, उत्कर्ष श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, हरीश वालिया, ज्ञानेश्वर जायसवाल, दिलीप मिश्रा, आनंद भगत और डॉ. शिशिर मालवीय सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।