Varanasi: पैनेसिया अस्पताल के बाहर लापरवाही का आरोप लगाकर प्रदर्शन, पुलिस ने कराया शांत
परिजनों का कहना - सीएमओ ऑफिस में कर चुके है शिकायत
वाराणसी। वाराणसी के दुर्गाकुंड-कबीर नगर स्थित पैनेसिया अस्पताल (Panacea Hospital) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। मंगलवार की शाम को अस्पताल के बाहर एक मरीज के परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इस पूरे मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाराणसी से भी की गई है।
क्या है पूरा मामला? पीड़ित बेटे ने बयां किया दर्द
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे मरीज के बेटे शुभम सिंह ने अपनी मां के इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने अपनी माता जी को 4 मार्च 2024 को पैनेसिया अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां 6 मार्च 2024 को उनकी किडनी की पथरी का ऑपरेशन किया गया।
शुभम का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने मरीज की किडनी में डीजी स्टेंट (DJ Stent) डालकर छोड़ दिया और डिस्चार्ज के वक्त इसकी कोई जानकारी परिजनों को लिखित या मौखिक रूप से नहीं दी गई। जब हाल ही में मरीज की तबीयत अत्यधिक बिगड़ने लगी और वे असहनीय दर्द से तड़पने लगीं, तो परिजनों ने दुर्गाकुंड के ही एक अन्य वरिष्ठ सर्जन डॉ. नवीन कुमार को दिखाया। जांच में सामने आया कि पेट के अंदर पुराना स्टेंट पड़ा हुआ है, जिससे संक्रमण और दिक्कतें बढ़ गई हैं।
सीएमओ ऑफिस में शिकायत, अस्पताल बंद कराने की मांग
परिजनों का कहना है कि वे पिछले 15 दिनों से न्याय के लिए सीएमओ कार्यालय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। 30 मई को इस संबंध में लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूरन उन्हें अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए इसे तुरंत सील/बंद करने की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष: 'CMO से मिलने के बाद देंगे बयान'
इस पूरे संवेदनशील मामले में भदैनी मिरर ने निष्पक्षता बरतते हुए पैनेसिया अस्पताल के निदेशक डॉक्टर आशुतोष मिश्रा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। हालांकि, उन्होंने कैमरे या मीडिया के सामने तत्काल कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। डॉक्टर मिश्रा ने कहा कि वे इस मामले में पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से मुलाकात करेंगे और उसके बाद ही मीडिया को अपनी बाइट (आधिकारिक बयान) देंगे।