वाराणसी पुलिस का 'सुपर एक्शन': महाराष्ट्र के वीआईपी पर्यटक का ऑटो में छूटा बैग मात्र 2 घंटे में बरामद
दर्शन करने आए दंपत्ति का ऑटो में छूट गया था कीमती बैग
वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्मनगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए महाराष्ट्र से आए एक पर्यटक दंपत्ति के चेहरे पर उस वक्त अचानक खुशी लौट आई, जब वाराणसी कमिश्नरेट की हाईटेक पुलिस ने उनका खोया हुआ बैग महज दो घंटे के भीतर ढूंढ निकाला। दरअसल, यह दंपत्ति वाराणसी के रामापुरा इलाके से ऑटो लेकर कैंट रेलवे स्टेशन जा रहा था। जल्दबाजी में कैंट उतरते समय वे अपना मुख्य बैग ऑटो में ही भूल गए, जिसमें उनका मोबाइल फोन और कई अन्य बेहद जरूरी व कीमती दस्तावेज मौजूद थे।
सिगरा कमांड सेंटर के कैमरों ने 120 मिनट में खोज निकाला सुराग
बैग खोने के बाद परेशान पीड़ित पर्यटक तुरंत पुलिस की शरण में पहुंचे। मामला संज्ञान में आते ही श्रीमान् अपर पुलिस उपायुक्त काशी (नोडल कमाण्ड सेन्टर, सिगरा) के कुशल पर्यवेक्षण में सिगरा कमांड सेंटर की टीम तुरंत एक्टिव हो गई। कमाण्ड सेन्टर में नियुक्त प्रभारी उपनिरीक्षक (उ० नि०) राजेश सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार प्रजापति और कांस्टेबल भूपेन्द्र कुमार ने बिना वक्त गंवाए रामापुरा से कैंट जाने वाले पूरे मार्ग पर लगे सीसीटीवी (CCTV) और एएनपीआर (ANPR - ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए।
वाराणसी पुलिस के अभेद्य सर्विलांस तंत्र की एक और बड़ी सफलता
कमांड सेंटर की टीम ने आधुनिक तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए महज 2 घंटे के अंदर उस सटीक ऑटो की पहचान कर ली जिसमें बैग छूटा था। पुलिस ने तुरंत ऑटो चालक से संपर्क साधा और बैग को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कमाण्ड सेन्टर बुलाकर महाराष्ट्र के निवासी आवेदक को उनका मोबाइल फोन और सारा जरूरी सामान सकुशल सुपुर्द कर दिया गया।
स्मार्ट सिटी पुलिसिंग की पर्यटकों ने की भूरि-भूरि प्रशंसा
अपना कीमती सामान इतनी जल्दी और सुरक्षित वापस पाकर महाराष्ट्र से आए पर्यटक दंपत्ति भावुक हो गए। उन्होंने वाराणसी पुलिस की मुस्तैदी और सिगरा कमाण्ड सेन्टर टीम के पेशेवर काम की मुक्तकंठ से सराहना की। पर्यटकों ने कहा कि काशी की सुरक्षा व्यवस्था और यहाँ का सर्विलांस सिस्टम वाकई देश के सबसे बेहतरीन और सुरक्षित शहरों में से एक है। वाराणसी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर 'स्मार्ट सिटी पुलिसिंग' और 'अतिथि देवो भव:' के संकल्प को सच कर दिखाया है।