वाराणसी: सावन के अंतिम सोमवार पर श्री विश्वनाथ आश्रम में बाबा का भव्य श्रृंगार, विशाल भंडारे में 10 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
गिलट बाजार स्थित अतिप्राचीन मंदिर में रुद्राभिषेक, 51 बटुकों का भोजन और डमरू वादन के साथ भव्य गंगा आरती संपन्न; स्थानीय निवासी विकेश सिंह टोनी ने साझा कीं यादें।
भदैनी मिरर न्यूज़ डेस्क: पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर वाराणसी के गिलट बाजार स्थित अतिप्राचीन श्री विश्वनाथ आश्रम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में बाबा विश्वनाथ का मनमोहक फूलों से भव्य श्रृंगार किया गया, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।
सुबह रुद्राभिषेक से लेकर शाम की गंगा आरती तक गूंजे जयकारे
श्री विश्वनाथ आश्रम भंडारा समिति के अध्यक्ष एवं व्यवस्थापक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ‘डीडी’ ने बताया कि जनसहयोग से यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों की रूपरेखा इस प्रकार रही:
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रुद्राभिषेक (सुबह 10:00 बजे): वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा विश्वनाथ का विशेष रुद्राभिषेक किया गया।
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बटुक सेवा (दोपहर 02:00 बजे): 51 बटुकों को आदर-सत्कार के साथ भोजन और प्रसाद ग्रहण कराया गया।
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भव्य गंगा आरती (शाम 06:00 बजे): डमरू वादन की गूंज और शंखनाद के बीच महाआरती संपन्न हुई।
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विशाल भंडारा (शाम 07:00 बजे से): शाम को शुरू हुआ भंडारा देर रात तक चला, जिसमें क्षेत्रीय जनता और दूर-दराज से आए लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
दशकों पुरानी परंपरा और जन-श्रद्धा का केंद्र
डेगो टाउन के स्थानीय निवासी विकेश सिंह 'टोनी' ने मंदिर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया, "यह इस क्षेत्र का बेहद प्राचीन मंदिर है। हम बचपन से यहाँ आते रहे हैं। पिछले 10-12 वर्षों से यहाँ लगातार भंडारे का भव्य आयोजन हो रहा है, जिसकी मुख्य जिम्मेदारी 'डीडी' भाई संभालते आ रहे हैं। बिना किसी अव्यवस्था के हजारों लोग यहाँ बड़े प्रेम और श्रद्धा भाव से आते हैं।" उन्होंने देशवासियों को सावन के अंतिम सोमवार की बधाई देते हुए आपसी सौहार्द और प्रेम की कामना की।
व्यवस्थापक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह 'डीडी' ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों, सेवादारों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।