वाराणसी: पीएम मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस का 'राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस', सीवर के बोरे पर माला चढ़ाकर बजाया झुनझुना
'मोदी शासन के 25 साल—25 सवाल' के जरिए कांग्रेस ने सरकार को घेरा; महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे बोले— "काशी को बना दिया प्रयोगशाला"
वाराणसी (रवींद्रपुरी) / भदैनी मिरर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार (17 सितंबर 2026) को वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने 'राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस' मनाकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेसजनों ने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, पेट्रोल-डीजल के दाम और सीवर समस्या को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया।
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे की अध्यक्षता और युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा के संयोजन में कार्यकर्ता पद्मश्री चौराहे पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए रवींद्रपुरी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा तक पहुंचे, जहां प्रदर्शन कर जनहित के सवाल उठाए गए।
सीवर के बोरे पर चढ़ाई माला, पूछा— "आखिर दोषी कौन?"
प्रदर्शन के दौरान वाराणसी की चरमराती सीवर व्यवस्था और नगर निगम द्वारा सीवर में बोरा मिलने के दावों पर कांग्रेस ने अनोखा विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ता हाथ में प्रतीकात्मक बोरा लेकर पहुंचे और उस पर माला चढ़ाकर प्रशासन से सवाल किया।
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा:
"यदि महापौर के दावे के अनुसार सीवर में बोरा मिलने का मामला गंभीर था, तो अब तक इसके जिम्मेदार पकड़े क्यों नहीं गए? केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय निष्पक्ष जांच कर सच सामने लाया जाना चाहिए। काशी की जनता को केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जलभराव और सीवर समस्या का स्थायी समाधान चाहिए।"
25 साल—25 सवाल और झुनझुना प्रदर्शन
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान 'मोदी शासनकाल के 25 साल—25 सवाल' के माध्यम से बेरोजगारी, नोटबंदी, जीएसटी, कोविड लॉकडाउन, मणिपुर हिंसा, अडानी समूह से जुड़े आरोप और सरकारी संपत्तियों के निजीकरण जैसे 25 अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा।
कांग्रेसजनों ने हाथों में झुनझुना बजाकर प्रतीकात्मक रूप से विरोध जताया। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि सरकार ने 'अच्छे दिनों' और विकास के नाम पर जनता को केवल झुनझुना थमाया है।
विरोध-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शामिल नेता:
इस दौरान सतनाम सिंह, प्रवीन प्रकाश, चंचल शर्मा, रमजान अली, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, प्रमोद वर्मा, नरसिंह दास, अनुराधा यादव, अब्दुल हमीद डोडे, असलम खां, धीरज सोनकर, आशुतोष पांडेय, बदरे आलम, वंदना जायसवाल, संगीता रावत, गोपाल चौबे, मो. उज्जेर, विजय देवल, आयुष पटेल सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।