वाराणसी: फूलपुर हत्याकांड के आरोपियों पर लगेगा NSA और गैंगस्टर एक्ट, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के कड़े निर्देश – फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी पैरवी
पिंडरा सर्किल के थानों का औचक निरीक्षण: सीपी ने कहा- 60 दिन से अधिक लंबित न रहे कोई भी विवेचना
वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी कमिश्नरेट में अपराधियों और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वालों के खिलाफ पुलिस अब बेहद आक्रामक रुख अपनाने जा रही है। मंगलवार, 26 मई 2026 को पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) श्री मोहित अग्रवाल ने पिंडरा सर्किल के थानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना बड़ागाँव, फूलपुर और सिंधौरा का अर्दली रूम कर कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं और तकनीकी पुलिसिंग की समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा एक्शन फूलपुर के बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर देखने को मिला, जिसमें कमिश्नर ने अपराधियों पर देश का सबसे कड़ा कानून लगाने का साफ निर्देश दिया है।
मनीष सिंह हत्याकांड: आरोपियों पर लगेगा NSA, खुलेगी हिस्ट्रीशीट
फूलपुर थाना क्षेत्र के मनीष सिंह हत्याकांड प्रकरण की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी अभियुक्तों के खिलाफ त्वरित और कठोरतम विधिक कार्रवाई की जाए।
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NSA और गैंगस्टर एक्ट: सीपी ने निर्देश दिया कि फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो।
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हिस्ट्रीशीट और फास्ट ट्रैक पैरवी: सभी आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। साथ ही, साक्ष्यों के आधार पर तत्काल कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके।
'ऑपरेशन चक्रव्यूह' पर बरसे कमिश्नर, फूलपुर पुलिस की थपथपाई पीठ
निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध रूप से सड़कों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन चक्रव्यूह” अभियान की भी समीक्षा की।
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अभियान के तहत फूलपुर थाने द्वारा 300 से अधिक अवैध व नियम विरुद्ध वाहनों को सीज करने की कार्रवाई पर सीपी ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अनुशासित पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बताया।
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₹10 लाख से अधिक का शमन शुल्क: मंगलवार को ही इस अभियान के तहत कुल 36 वाहनों को सीज किया गया और 640 वाहनों का चालान काटकर 10,37,200 रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया। इसके अलावा 23 अतिक्रमणकारियों पर भी सख्त एक्शन लिया गया।
विवेचनाओं के लिए 'डेडलाइन' तय, हर केस की बनेगी यूनिक SID
पुलिस कमिश्नर ने लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों की क्लास भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि थानों में कोई भी विवेचना 60 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। इसके साथ ही विवेचना रजिस्टर और 'SID Creation' की प्रगति जांचते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक मुकदमे में शत-प्रतिशत यूनिक SID बनाई जाए, जिससे जांच में पारदर्शिता और तेजी आए।
स्मार्ट और टेक-सैवी बनेंगे नए सिपाही, मिलेगी 12 घंटे की ट्रेनिंग
आधुनिक पुलिसिंग के दौर में पुलिसकर्मियों को भी हाईटेक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सीपी मोहित अग्रवाल ने नव नियुक्त आरक्षियों (सिपाहियों) के व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए नया ब्लू प्रिंट जारी किया:
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12 घंटे का प्रशिक्षण: नए रंगरूटों को प्रतिदिन 6 घंटे इनडोर और 6 घंटे आउटडोर की सुनियोजित ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें बीट ड्यूटी, गश्त, जनसुनवाई और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (112) का व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा।
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डिजिटल और फॉरेंसिक दक्षता: सभी नए आरक्षियों को सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली, सीडीआर (CDR) विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज निरीक्षण, डीवीआर संचालन, ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली में पूरी तरह दक्ष बनाया जाएगा, ताकि वे डिजिटल साक्ष्यों का संग्रह और कोर्ट में उनका प्रस्तुतिकरण सटीक ढंग से कर सकें।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त (गोमती जोन) सुश्री नीतू, अपर पुलिस उपायुक्त श्री निपेन्द्र सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।