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वाराणसी: मेरठ में मछुआ समाज के युवक हत्या के मामले में निषाद पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

 

कहा-प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नही की, जनप्रतिनिधियों को परिवार से मिलने से रोका

वाराणसी, भदैनी मिरर। मेरठ में मछुआ समाज के युवक सोनू कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या को लेकर निषाद पार्टी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौंपा। पार्टी का कहना है कि इस प्रकरण में अब तक निष्पक्ष जांच नहीं की गई, जिससे समाज में भारी आक्रोश है।

निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग) डॉ. संजय कुमार निषाद के निर्देश पर पार्टी नेताओं ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पार्टी द्वारा बार-बार निवेदन किए जाने के बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष कार्यवाही नहीं की, बल्कि प्रारंभिक स्तर पर ही लीपापोती करने का प्रयास किया गया। निषाद पार्टी का आरोप है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मेरठ जा रहे थे, तो उन्हें जनपद गाजियाबाद की सीमा पर ही रोक दिया गया। पार्टी ने इसे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया। वहीं, उसी समय अन्य राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक और सरधना के विधायक अतुल प्रधान को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी गई, जिसे प्रशासन की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली स्पष्ट होती है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकार की छवि को भी धूमिल करता है। निषाद पार्टी ने मांग की है कि सोनू कश्यप हत्या प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जायेगा। ज्ञापन देनेवालों में प्रदेश सचिव पूजा निषाद, जिलाध्यक्ष रामरति बिंद, पंचम कुमार, डा. अनिल, अरविंद निषाद, गोविंद निषाद और भरत लाल निषाद आदि रहे।