Varanasi News: गो सम्मान आह्वान अभियान का दूसरा चरण 27 जुलाई को, संकट मोचन से निकलेगी भव्य प्रार्थना यात्रा
वाराणसी से 5 लाख और देशभर से 15 करोड़ नागरिक सौंपेंगे हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
वाराणसी (भदैनी मिरर)। देश भर में गो सेवा, सुरक्षा और संवर्धन का माहौल बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण का बिगुल बज चुका है। 27 जुलाई को धर्मनगरी वाराणसी में एक भव्य 'गो सम्मान प्रार्थना यात्रा' निकाली जाएगी, जिसकी सभी तैयारियां आयोजकों द्वारा पूरी कर ली गई हैं।
इस अभियान के माध्यम से वाराणसी जनपद से लगभग 5 लाख और पूरे देश से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भेजे जाएंगे।
सरकार से प्रमुख मांगें: केंद्रीय गो कानून और राष्ट्रीय दर्जा
आयोजकों के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य गोमाता को उचित सम्मान और सुरक्षा दिलाना है। सरकार के समक्ष प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखी जाएंगी:
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देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सख्त केंद्रीय कानून का निर्माण।
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गोमाता को 'राष्ट्रीय माता' या राष्ट्रीय सम्मान का दर्जा प्रदान करना।
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गो संवर्धन और सुरक्षा के लिए अलग से 'केंद्रीय गो मंत्रालय' का गठन।
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गो आधारित प्राकृतिक कृषि (Organic Farming) को बढ़ावा देना और गोशालाओं के लिए स्थाई नीतियां बनाना।
संकट मोचन धाम से शुरू होगी यात्रा: जानें पूरा मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
जिला प्रभारी ने बताया कि 27 जुलाई को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर शहर के गोभक्तों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों और युवाओं में भारी उत्साह है। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार रहेगी:
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सुबह 7:30 बजे: सभी गोभक्तों और श्रद्धालुओं का श्री संकट मोचन धाम परिसर में एकत्रीकरण।
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सुबह 8:00 बजे: गोमाता का विशेष पूजन, अर्चन एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम।
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सुबह 8:30 बजे: सामूहिक प्रार्थना एवं "श्री राम जय राम जय जय राम" महामंत्र का जाप।
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सुबह 9:15 बजे: संकट मोचन मंदिर से भव्य 'प्रार्थना यात्रा' का शुभारंभ।
झांकी और संत-महात्मा होंगे मुख्य आकर्षण
इस प्रार्थना यात्रा में गोमाता की सुसज्जित झांकी, पूज्य संत-महात्मा, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, किसान, छात्र और बड़ी संख्या में मातृशक्ति व श्रद्धालु शामिल होंगे। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यात्रा का समापन होगा, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अभियान के पदाधिकारियों ने समस्त काशीवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में संकट मोचन धाम पहुंचकर इस पवित्र जन-जागरण अभियान का हिस्सा बनें।