Varanasi News: दुर्गाकुंड के फ्लैट में रिटायर्ड नर्स की मौत, सऊदी से बेटी ने वीडियो कॉल पर किए मां के अंतिम दर्शन
कैब चालक की सूचना पर हुआ खुलासा, रिश्तेदारों को सौंपा गया शव
भदैनी मिरर डेस्क, वाराणसी: काशी के दुर्गाकुंड क्षेत्र से एक मर्मस्पर्शी घटना सामने आई है। कबीर नगर कॉलोनी स्थित एमआईजी बिल्डिंग के एक फ्लैट में 70 वर्षीय माधुरी विश्वास का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका बीएचयू (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल से नर्स पद से सेवानिवृत्त थीं और यहां अकेली रहती थीं। उनकी मौत की खबर पाकर सऊदी अरब में रहने वाली बेटी ने वीडियो कॉल के जरिए मां के अंतिम दर्शन किए।
कैब चालक की सूचना पर हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, माधुरी विश्वास की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। गुरुवार सुबह उन्होंने अस्पताल जाने के लिए एक कैब बुक की थी। जब कैब चालक फ्लैट पर पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा खटखटाने व फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने पड़ोसियों को जानकारी दी। मौके पर दूध वाला भी पहुंच गया था। अनहोनी की आशंका को देखते हुए स्थानीय निवासी आशीष ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
बाथरूम के रास्ते फ्लैट में दाखिल हुई पुलिस
सूचना मिलते ही दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज विकास मिश्रा पुलिस टीम और महिला आरक्षी के साथ मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस टीम बाथरूम के पीछे के रास्ते से फ्लैट के भीतर दाखिल हुई। अंदर बेड पर माधुरी विश्वास बेसुध पड़ी थीं। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, रात में स्नान करने के बाद कपड़े बदलते समय संभवतः उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
बेटी का भावुक वीडियो कॉल और पुलिस से अपील
चौकी इंचार्ज ने जब सऊदी अरब में रह रही बेटी देबूश्री से संपर्क किया, तो उन्होंने वीडियो कॉल पर मां के शव को देखा। देबूश्री ने बताया कि बुधवार रात 10 बजे उनकी मां से अंतिम बार बात हुई थी, तब उन्होंने सुबह चेकअप के लिए अस्पताल जाने की बात कही थी।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि बेटी ने उच्चाधिकारियों को वीडियो रिकॉर्डिंग और लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर पोस्टमार्टम न कराने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मां लंबे समय से हार्ट पेशेंट थीं और यह एक स्वाभाविक मृत्यु है।
रिश्तेदारों को सौंपा गया शव
बेटी के अनुरोध पर पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव का पंचनामा किया और उसे कमच्छा निवासी रिश्तेदार हीनादास व अन्य परिजनों को सौंप दिया। गुरुवार को ही परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया।