Varanasi News: संत रविदास की 650वीं जयंती पर सीर गोवर्धन में भव्य दीपोत्सव, 27 राज्यों से जुटेंगे प्रतिनिधि
विपक्ष के आरोपों पर असीम अरुण का पलटवार: 'सपा-कांग्रेस को सिर्फ अपना परिवार दिखता है, BJP करती है संतों का सम्मान'
वाराणसी (भदैनी मिरर)। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उनकी जन्मस्थली काशी के सीर गोवर्धनपुर में ऐतिहासिक एवं भव्य समारोह का आयोजन होने जा रहा है। 27 जुलाई से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलने वाले इस त्रिदिवसीय आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वाराणसी के सर्किट हाउस में भाजपा मोर्चों और व्यवस्था टोली की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्यसभा सांसद शिवेश कुमार और भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने संयुक्त रूप से की।
27 से 29 जुलाई तक सीर गोवर्धनपुर में तीन दिवसीय महाआयोजन
समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राज्यमंत्री असीम अरुण ने बताया कि यह 650वां जयंती वर्ष एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इसे भव्य और व्यापक रूप देने के लिए पूरे देश से संत रविदास के अनुयायियों और प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है:
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27 जुलाई (माटी पूजन): जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर की पवित्र माटी का पूजन कर एकत्रीकरण किया जाएगा। देश के 27 राज्यों और उत्तर प्रदेश के सभी 98 सांगठनिक जिलों से आ रही टीमें 131 पवित्र कलशों में यह मिट्टी एकत्रित करेंगी।
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28 जुलाई (कलश पूजन एवं शोभायात्रा): सीर गोवर्धनपुर में विशाल कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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29 जुलाई (समरसता संकल्प सभा व दीपोत्सव): गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशभर के संत रविदास मंदिरों में एक साथ सामूहिक दीपोत्सव और आरती होगी। सीर गोवर्धनपुर में आयोजित 'समरसता संकल्प सभा' में 25 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है।
इस मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव नितिन नवीन, लाल सिंह आर्य, तरुण चुघ सहित केंद्र व राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे।
विपक्ष पर राज्यमंत्री असीम अरुण का तीखा हमला
विपक्ष द्वारा 2027 के चुनाव से जोड़े जाने के आरोपों पर राज्यमंत्री असीम अरुण ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का रुख हमेशा से पक्षपातपूर्ण रहा है। उन्हें केवल अपने ही परिवार के लोग बड़े दिखते हैं, उन्होंने संतों और महापुरुषों का कभी सम्मान नहीं किया। भारतीय जनता पार्टी सबका सम्मान करती है—चाहे वह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर हों, भगवान बिरसा मुंडा हों या संत रविदास जी।"
उन्होंने आगे कहा कि संत रविदास जी के संदेशों को घर-घर पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी से लेकर पंजाब के जालंधर तक ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। काशी में विशाल कांस्य प्रतिमा की स्थापना, भव्य लंगर हॉल का निर्माण और जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास जी के नाम पर रखना इसी सम्मान का प्रतीक है। इसके अलावा, यूपी सरकार की 'मूर्ति विकास योजना' के तहत सभी रविदास मंदिरों और मठों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है।
25 हजार लोगों का लक्ष्य, कार्यकर्ताओं को सौंपे गए दायित्व
क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि समरसता संकल्प सभा में 25 हजार लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी मोर्चे आपसी समन्वय से कार्य करें। राज्यसभा सांसद शिवेश कुमार ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे और इस आयोजन से भाईचारे का संदेश पूरी दुनिया में जाना चाहिए।
बैठक का कुशल संचालन अमरनाथ यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन भाजपा जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल द्वारा दिया गया।