Varanasi News: वाराणसी के दालमंडी में ध्वस्तीकरण अभियान तेज, 12 और मकानों पर चल रहा बुलडोजर, भारी पुलिस बल तैनात
'दालमंडी' में अब तक 132 भवन जमींदोज
वाराणसी (भदैनी मिरर):
काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ता सुगम और चौड़ा बनाने की कवायद के तहत पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी 'दालमंडी' में प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को इलाके में भारी हलचल के बीच प्रशासन ने 12 नए मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। इलाके में बुलडोजर की गड़गड़ाहट और हथौड़ों की गूंज साफ सुनी जा रही है। जहाँ एक तरफ इस अभियान से विकास की रफ्तार को गति मिल रही है, वहीं दूसरी ओर दशकों से यहाँ रह रहे लोगों और व्यापारियों के चेहरों पर अपने भविष्य को लेकर चिंता की लकीरें भी साफ नजर आ रही हैं।
अब तक 132 भवन जमींदोज, ₹56 करोड़ का मुआवजा बंटा
पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग के अभियंता केके सिंह ने इस महाअभियान के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत कुल 181 भवनों को चिह्नित किया गया था। इनमें से 120 मकानों को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है।
गुरुवार को 12 और मकानों को तोड़ने का लक्ष्य तय किया गया, जिसके बाद कुल ध्वस्त हुए मकानों की संख्या 132 हो जाएगी। अभियंता ने बताया कि प्रशासन की ओर से अब तक कुल 56 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि प्रभावित भवन स्वामियों को मुआवजे के तौर पर बांटी जा चुकी है।
धार्मिक स्थलों और मस्जिदों को लेकर बातचीत जारी
अभियान के दौरान धार्मिक स्थलों को लेकर केके सिंह ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटियों के बीच लगातार सकारात्मक बातचीत चल रही है और जल्द ही इसका रास्ता भी साफ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस चौड़ीकरण की जद में 6 मस्जिदें आ रही हैं, जिनका आंशिक रूप से (कुछ हिस्सा) ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इसके लिए विभाग नियमानुसार क्षतिपूर्ति (मुआवजा) भी प्रदान करेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन से निगरानी, सोशल मीडिया पर पैनी नजर
दालमंडी जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके में चल रही इस बड़ी कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि जिन 12 भवन स्वामियों ने अपने मकान की रजिस्ट्री प्रशासन के नाम की है, उन्हीं पर यह कार्रवाई की जा रही है। इनमें से 5 भवनों को मकान मालिकों ने खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है, जबकि बाकी बचे 7 मकानों को जिला प्रशासन की टीम जमींदोज कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसीपी ने कहा:
"इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स और पीएसी (PAC) को तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से निगरानी की जा रही है।"
इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धार्मिक स्थलों पर हो रही कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया सेल, मुखबिर तंत्र और इंटेलिजेंस की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।