Varanasi News: केदार घाट पर गंगा में डूब रहे बरेली के दो युवकों के लिए 'देवदूत' बने आरक्षी रोहित
वाराणसी के केदार घाट पर ड्यूटी के दौरान जवानों ने दिखाई अदम्य साहस और सूझबूझ; 29 वर्षीय अंशुल और 30 वर्षीय ओम शर्मा को सुरक्षित निकाला बाहर।
भदैनी मिरर वाराणसी डेस्क: धर्म और आध्यात्मिकता की नगरी काशी के केदार घाट पर उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब गंगा नदी में स्नान के दौरान दो युवक गहरे पानी में जाने से डूबने लगे। घाट पर मुस्तैद वाराणसी पुलिस के जवानों ने अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवता की मिसाल पेश करते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक कार्य में आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया और आरक्षी अरशद खान की त्वरित कार्रवाई ने दो परिवारों की खुशियां वापस लौटा दीं।
बरेली से काशी आए थे दोनों युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीसी श्री संजय कुमार पटेल के हमराह ड्यूटी पर आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया और आरक्षी अरशद खान की तैनाती केदार घाट पर की गई थी। इसी दौरान गंगा में स्नान कर रहे दो युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से डूबने लगे और बचाओ-बचाओ की पुकार लगाने लगे।
स्थिति की गंभीरता और युवकों की चीख-पुकार सुनते ही आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया ने बिना वक्त गंवाए जान बचाने के लिए प्रयास शुरू किए। इस दौरान आरक्षी अरशद खान ने भी उनका पूरा सहयोग किया। दोनों आरक्षियों के सटीक समन्वय और त्वरित प्रयास से दोनों युवकों को डूबने से बचाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाए गए युवकों की पहचान अंशुल गुप्ता (29 वर्ष) और ओम शर्मा (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो करगैना (बरेली) के निवासी बताए गए हैं।
कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण
आरक्षी रोहित कुमार कन्नौजिया और आरक्षी अरशद खान का यह साहसिक कदम उत्तर प्रदेश पुलिस के मूल ध्येय 'जनसेवा और जनसुरक्षा' को पूरी तरह चरितार्थ करता है। संकट के समय अपने कर्तव्य के प्रति सजगता और अदम्य साहस दिखाते हुए जवानों ने यह साबित कर दिया कि खाकी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर मोड़ पर आम जनता के जीवन की रक्षा के लिए तत्पर रहती है।
दोनों पुलिसकर्मियों के इस त्वरित और साहसी कदम की स्थानीय नागरिकों, तीर्थयात्रियों और पुलिस महकमे में जमकर सराहना हो रही है।